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सरेंडर नक्सली मुगदी होनहागा का वीडियो आया सामने, परिवार के आरोपों से उलट बयान

On: April 3, 2026 8:47 PM
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सारंडा की बेटी पर उठे सवाल—सच क्या है: नक्सली कनेक्शन या साजिश?

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

सारंडा के घने जंगलों से निकलकर राउरकेला पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने वाली कथित नक्सली मुगदी होनहागा का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। एक ओर जहां उसके परिजनों ने ओड़िशा पुलिस और स्थानीय व्यक्ति गोनो चांपिया पर गंभीर आरोप लगाए थे, वहीं दूसरी ओर मुगदी का खुद का वीडियो बयान इन आरोपों को पूरी तरह से चुनौती देता नजर आ रहा है।

ओड़िशा पुलिस के साथ मुगदी होनहागा

 

वीडियो में मुगदी ने कबूला—”मैं नक्सली संगठन से जुड़ी थी”

ओड़िशा पुलिस द्वारा जारी वीडियो में मुगदी होनहागा ने अपनी “हो” भाषा में साफ तौर पर स्वीकार किया है कि वह पिछले एक वर्ष से अधिक समय से नक्सली संगठन से जुड़ी हुई थी।
मुगदी ने अपने बयान में बताया कि वह जलवे उर्फ बिरसा, मुनिराम और सुनीता के साथ विभिन्न स्थानों पर जाती रही और कई बैठकों में शामिल होती रही। उसने यह भी कहा कि वह सुशांत उर्फ अनमोल दा, जयकांत उर्फ गूंगा जैसे कुख्यात नक्सलियों के साथ सक्रिय रूप से घूमती रही।

21 जनवरी मुठभेड़ का जिक्र—”हम खाना खा रहे थे, तभी पुलिस आ गई”

मुगदी ने 21 जनवरी 2026 की उस बड़ी मुठभेड़ का भी जिक्र किया, जिसमें अनमोल दा सहित 17 नक्सली मारे गए थे।
उसने बताया—
“हम कुमडीह-होंजोरदिरी के बीच जंगल में खाना खा रहे थे और बैठक चल रही थी, तभी अचानक पुलिस पहुंची और फायरिंग शुरू हो गई। कई लोग मौके पर ही मारे गए और हम सात लोग वहां से भाग निकले।”
मुगदी के अनुसार, इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से टूट गई थी और अपने साथियों के साथ घर लौट आई।

सरेंडर के बाद पुलिस व्यवहार की सराहना

मुगदी ने अपने वीडियो में राउरकेला पुलिस के व्यवहार की भी सराहना की। उसने कहा कि—
* पुलिस ने उसे जेल में नहीं रखा है
* उसके साथ अच्छा व्यवहार किया जा रहा है
* उसकी जरूरतों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है

परिजनों का आरोप—”बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाया गया”

दूसरी ओर, मुगदी के पिता मंगल होनहागा, मां और कुछ ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को साजिश बताया था।
परिजनों का आरोप है कि—
* कुंबिया गांव निवासी गोनो चांपिया ट्रैक्टर लेकर गांव आया था
* उसने मुगदी का आधार कार्ड मांगा
* रोजगार दिलाने के नाम पर उसे बाहर ले गया
* और बाद में ओड़िशा पुलिस के सामने नक्सली बताकर सरेंडर करा दिया
परिजनों ने यह भी दावा किया कि मुगदी कभी नक्सली संगठन से जुड़ी ही नहीं थी और वह पास के मारांगपोंगा गांव में रह रही थी।

गोनो चांपिया का पलटवार—”ये मुझे बदनाम करने की साजिश”

इन आरोपों पर गोनो चांपिया ने कड़ा खंडन किया है।
उन्होंने कहा—
* वे कभी मुगदी के गांव नहीं गए
* न ही मुगदी से उनका कोई संपर्क रहा
* रोजगार दिलाने या सरेंडर कराने का आरोप पूरी तरह झूठा है
गोनो ने यह भी आरोप लगाया कि यह उनके खिलाफ एक सुनियोजित साजिश है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके।
उन्होंने कहा कि जिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ने सबसे पहले खबर चलाई, उसके रिपोर्टर से उन्होंने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका पक्ष नहीं लिया गया।

सवालों के घेरे में सच—किस पर करें विश्वास?

मुगदी होनहागा का खुद का वीडियो बयान और उसके परिजनों के आरोप—दोनों एक-दूसरे के बिल्कुल विपरीत हैं।
अब इस पूरे मामले में कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं—
* क्या मुगदी का बयान दबाव में दिया गया है या वह सच्चाई बता रही है?
* क्या वाकई उसे बहला-फुसलाकर सरेंडर कराया गया?
* या फिर परिजन किसी वजह से सच्चाई छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?

जांच के बाद ही खुलेगा सच का राज

फिलहाल यह मामला पूरी तरह से संदेह और आरोप-प्रत्यारोप के घेरे में है। मुगदी का वीडियो बयान जहां नक्सली कनेक्शन की पुष्टि करता है, वहीं परिजनों के आरोप इस पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना रहे हैं।
अब जरूरत है निष्पक्ष और गहन जांच की, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर सच्चाई क्या है—एक नक्सली की आत्मस्वीकृति या एक निर्दोष लड़की के साथ हुआ छल?

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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