रिपोर्ट: शैलेश सिंह
26वीं वाहिनी केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के स्थापना दिवस के अवसर पर आज दिनांक 01 जनवरी 2026 को डी/26वीं वाहिनी सीआरपीएफ, किरीबुरु द्वारा ग्राम मरंग टोला (किरीबुरु) में सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 26वीं वाहिनी के कमाण्डेन्ट श्री राजीव रंजन के निर्देशानुसार आयोजित किया गया।

सहायक कमाण्डेन्ट के नेतृत्व में कार्यक्रम
इस सिविक एक्शन प्रोग्राम का नेतृत्व श्री महेश्वर कुमार चौरसिया (सहायक कमाण्डेन्ट) ने किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों के साथ सीआरपीएफ के संबंधों को और अधिक मजबूत करना, विश्वास बहाली करना तथा विकास व सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
ग्रामीणों को मिली आवश्यक सामग्री
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों के बीच दैनिक जीवन से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। इसमें—
ठंड से बचाव के लिए कंबल
आवास उपयोग हेतु टीन शीट
खेती के लिए बीज
बच्चों के लिए खेल सामग्री
स्कूल बैग, पेन, पेंसिल
छाता
महिलाओं के लिए रसोई के बर्तन
जैसी उपयोगी सामग्रियां शामिल थीं। सामग्री पाकर ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष और खुशी स्पष्ट रूप से दिखाई दी।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह
सिविक एक्शन प्रोग्राम को लेकर गांव के पुरुषों, महिलाओं और बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से सुरक्षा बल और आम जनता के बीच दूरी कम होती है।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान कई प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें—
निरीक्षक सिद्धनाथ पांडे
निरीक्षक निरंजन कुमार
उपनिरीक्षक राजीव राणा
उपनिरीक्षक रोहित कुमार (थाना प्रभारी, किरीबुरु)
श्रीमती पार्वती किडो, मुखिया, किरीबुरु पंचायत
शामिल थे। सभी ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को जाना।

नक्सल बहकावे से दूर रहने की अपील
इस मौके पर सहायक कमाण्डेन्ट श्री महेश्वर कुमार चौरसिया ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि वे नक्सलियों और असामाजिक तत्वों के बहकावे में न आएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीआरपीएफ और जिला पुलिस क्षेत्र की जनता की सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
सुरक्षा और विकास साथ-साथ
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शांति स्थापित करना भी है। सिविक एक्शन प्रोग्राम इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
विश्वास बहाली की पहल
सीआरपीएफ द्वारा समय-समय पर आयोजित ऐसे कार्यक्रमों से यह संदेश जाता है कि बल आम जनता के साथ खड़ा है। इससे न केवल ग्रामीणों का विश्वास बढ़ता है, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और स्थायित्व की नींव भी मजबूत होती है।

ग्रामीणों ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने सीआरपीएफ के अधिकारियों और जवानों का आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।
स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित यह सिविक एक्शन प्रोग्राम न केवल सहायता वितरण का माध्यम बना, बल्कि सुरक्षा बलों और ग्रामीण समाज के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और सुदृढ़ करने वाला साबित हुआ।














