उपायुक्त चंदन कुमार व एसपी अमित रेनू ने नक्सल प्रभावित गांवों का किया संयुक्त दौरा, विकास योजनाओं और सुरक्षा अभियान की ली जमीनी समीक्षा
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
20 फरवरी को सारंडा जंगल के दुरस्थ एवं दुर्गम वन क्षेत्र स्थित कई गांवों में जिला प्रशासन ने मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। पश्चिमी सिंहभूम के जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने संयुक्त रूप से क्षेत्र का भ्रमण कर नक्सल विरोधी अभियान और विकास योजनाओं की जमीनी स्थिति का गहन अवलोकन किया।

नक्सल विरोधी अभियान की क्रमवार समीक्षा
भ्रमण के दौरान वरीय पदाधिकारियों ने क्षेत्र में संचालित नक्सल विरोधी अभियानों की क्रमवार जानकारी ली। अभियान में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों से सीधा संवाद कर उनकी चुनौतियों और आवश्यकताओं को समझा तथा उनका मनोबल बढ़ाया।
उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक ने जवानों के कार्यों की सराहना करते हुए स्पष्ट कहा कि शांति और विकास दोनों साथ-साथ चलेंगे। सुरक्षा के साथ-साथ प्रशासन की प्राथमिकता है कि गांवों में सामान्य जीवन बहाल हो और भयमुक्त वातावरण बने।
विकास योजनाओं की भौतिक स्थिति का निरीक्षण
दौरे के क्रम में उपायुक्त ने क्षेत्र में संचालित सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की भौतिक प्रगति का भी जायजा लिया। उन्होंने सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों से प्राप्त की।
निरीक्षण के बाद उपायुक्त ने कहा—
“दुर्गम और दूरस्थ गांवों में विकास कार्यों का संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। जिला प्रशासन समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच का संकल्प
उपायुक्त ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाएं, परियोजनाएं और कार्यक्रम तभी सफल माने जाएंगे जब उनका लाभ सीधे ग्रामीणों को मिले।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर ही आधारभूत और मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ कर ग्रामीणों के जीवन यापन की शैली में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
प्रशासन की प्राथमिकता:
* दुर्गम गांवों तक सड़क और संचार व्यवस्था
* स्वास्थ्य और शिक्षा की उपलब्धता
* रोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यक्रम
* सुरक्षा के साथ विकास का संतुलन
इको टूरिज्म और पर्यटन विकास की पहल
भ्रमण के दौरान क्षेत्र में इको टूरिज्म एवं पर्यटन संवर्धन की संभावनाओं का भी आकलन किया गया।
उपायुक्त ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचल अधिकारी (CO) को निर्देश दिया कि पर्यटन विकास के लिए ठोस कार्य योजना तैयार की जाए।
इस पहल का उद्देश्य:
* स्थानीय युवाओं को रोजगार
* क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण
* बाहरी निवेश और पर्यटन को बढ़ावा
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास का संदेश
यह दौरा केवल प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि सरकार और प्रशासन दुर्गम क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए गंभीर है।
जहां कभी केवल नक्सल गतिविधियों की चर्चा होती थी, वहां अब विकास योजनाओं और पर्यटन की संभावनाओं पर बात हो रही है।

सुरक्षा के साथ विकास की नई दिशा
सारंडा क्षेत्र का यह संयुक्त भ्रमण यह दर्शाता है कि:
नक्सल विरोधी अभियान लगातार मजबूत किया जा रहा है
विकास योजनाओं की निगरानी सीधे शीर्ष स्तर से हो रही है
प्रशासन अंतिम व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है
उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक का यह दौरा नक्सल प्रभावित गांवों के लिए आशा और भरोसे का संकेत बनकर सामने आया है कि अब विकास और सुरक्षा दोनों एक साथ आगे बढ़ेंगे।














