मुंडा विक्रम चाम्पिया का दो टूक—गांव की शांति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, साजिशकर्ताओं की होगी पहचान
शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
नोवामुंडी प्रखंड अंतर्गत बड़ाजामदा थाना क्षेत्र के बोकना गांव में राजनीतिक साजिश को लेकर माहौल गरमा गया है। गांव के मुंडा विक्रम चाम्पिया ने कुछ तथाकथित नेताओं और स्वार्थी तत्वों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके नाम का दुरुपयोग कर भोले-भाले ग्रामीणों को जानबूझकर गुमराह किया जा रहा है। इस पूरे मामले को उन्होंने एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।

गांव में बैठक, सीधे आरोप
अपने आवास पर आयोजित बैठक के दौरान मुंडा विक्रम चाम्पिया ने आक्रामक लहजे में कहा कि कुछ लोग गांव में जबरन वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से अफवाहों और झूठे प्रचार का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोकना गांव हमेशा से आपसी भाईचारे और शांति का प्रतीक रहा है, लेकिन अब इसे राजनीतिक प्रयोगशाला बनाने की कोशिश की जा रही है।
कंबल वितरण के नाम पर खेल?
मुंडा विक्रम चाम्पिया ने खुलासा किया कि दो दिन पूर्व गांव में कंबल वितरण का लालच देकर ग्रामीणों को एकत्र किया गया। इसके बाद अखबारों और अन्य माध्यमों के जरिए कंपनी के खिलाफ गलत और भ्रामक संदेश फैलाने का प्रयास किया गया, ताकि खुद को ग्रामीणों का मसीहा साबित किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सब गांव के मुंडा और ग्राम नेतृत्व की छवि को जानबूझकर बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है।
बेरोजगारी और संकट के बीच भड़काने की साजिश
मुंडा ने कहा कि खदानें बंद होने के कारण क्षेत्र पहले से ही गंभीर बेरोजगारी संकट से जूझ रहा है। ऐसे संवेदनशील समय में ग्रामीणों को भड़काना और गांव का माहौल बिगाड़ना बेहद निंदनीय और गैर-जिम्मेदाराना है। उन्होंने साफ कहा कि जिन लोगों को गांव की चिंता होनी चाहिए, वही लोग गांव को तोड़ने में लगे हैं।
हाथी आतंक पर चुप्पी, राजनीति पर सक्रियता
मुंडा विक्रम चाम्पिया ने तथाकथित नेताओं पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्र में हाथी आतंक से हालात भयावह बने हुए हैं। बीते नौ दिनों में एक दंतैल हाथी द्वारा 22 लोगों की मौत हो चुकी है, पूरा इलाका दहशत में है। इसके बावजूद, गंभीर मानवीय संकट पर आवाज उठाने के बजाय कुछ नेता सस्ती राजनीति और अफवाह फैलाने में व्यस्त हैं।
मकर संक्रांति के बाद कानूनी कार्रवाई तय
मुंडा विक्रम चाम्पिया ने दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह की गतिविधियां नहीं रुकीं, तो मकर संक्रांति के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब सब्र की सीमा खत्म हो चुकी है और गांव की गरिमा से खिलवाड़ करने वालों को कानूनी जवाब दिया जाएगा।

ग्रामीणों ने दिखाई एकजुटता
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने भी एक स्वर में मुंडा का समर्थन किया और स्पष्ट किया कि वे किसी भी तरह की साजिश का हिस्सा नहीं बनेंगे। ग्रामीणों ने गांव की एकता बनाए रखने और शांति भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ मजबूती से खड़े रहने का संकल्प लिया।
संदेश साफ—गांव राजनीति का अखाड़ा नहीं
अंत में मुंडा विक्रम चाम्पिया ने कहा कि मुंडा का दायित्व गांव का विकास, सुरक्षा और समस्याओं का समाधान है, न कि राजनीति करना। उन्होंने प्रशासन से भी मांग की कि गांव में शांति भंग करने और भ्रम फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बोकना गांव से साफ संदेश है—यहां साजिश नहीं, समाधान चलेगा; राजनीति नहीं, शांति और विकास प्राथमिकता होगी।














