दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में श्रमिक अधिकार, यूनियनों की मजबूती और बदलते औद्योगिक दौर की चुनौतियों पर गहन चर्चा
गुवा संवाददाता।
ऊर्जा और खनन क्षेत्र में तेजी से बदलते औद्योगिक माहौल के बीच श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और यूनियनों को मजबूत बनाने को लेकर राजधानी New Delhi में महत्वपूर्ण मंथन हुआ। “जस्ट ट्रांजिशन” यानी न्याय संगत परिवर्तन के मुद्दे पर 10 और 11 मार्च को दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया, जिसमें देश-विदेश के श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर अपने अनुभव और सुझाव साझा किए।
सेमिनार का आयोजन Indian National Trade Union Congress (इंटक) और वैश्विक श्रमिक संगठन IndustriALL Global Union के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम The Crown Hotel में आयोजित हुआ, जहां ऊर्जा और खनन क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों के भविष्य, रोजगार सुरक्षा और औद्योगिक बदलावों के प्रभाव पर गहन चर्चा हुई।

बदलते दौर में श्रमिकों की भूमिका पर जोर
सेमिनार में वक्ताओं ने कहा कि ऊर्जा और खनन क्षेत्र में तकनीकी बदलाव, पर्यावरणीय नीतियां और वैश्विक आर्थिक परिवर्तन तेज़ी से हो रहे हैं। ऐसे समय में “जस्ट ट्रांजिशन” की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है, ताकि औद्योगिक बदलावों का बोझ केवल श्रमिकों पर न पड़े।
वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जब उद्योगों में परिवर्तन हो, तो श्रमिकों के रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और कौशल विकास को भी समान प्राथमिकता मिलनी चाहिए। इसके लिए श्रमिक यूनियनों को अधिक संगठित और मजबूत बनाना जरूरी है।
कोल्हान क्षेत्र के प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण सेमिनार में इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइंस एंड इंजीनियरिंग एंप्लॉई फेडरेशन के सदस्य और कोल्हान क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
कार्यक्रम में Tufan Ghosh (जोनल सेक्रेटरी, गुवा) तथा Vidyut Sarkar (जोनल सेक्रेटरी) विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा
Anuj Kumar Sundi (नोवामुंडी टिस्को)
Birbal Singh
ने भी सेमिनार में भाग लेकर खनन क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं और चुनौतियों को सामने रखा।

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
सेमिनार में कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान
Ashutosh Bhattacharya (यूनियन सेक्रेटरी, साउथ एशिया)
M. Balu
F. Pasha
सहित अंतरराष्ट्रीय इंटक अध्यक्ष और कई विशेषज्ञों ने श्रमिक अधिकारों, वैश्विक औद्योगिक नीतियों और भविष्य की चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
चार देशों के प्रतिनिधि ऑनलाइन जुड़े
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि सेमिनार में कई विदेशी प्रतिनिधि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी जुड़े।
इनमें
Spain
Switzerland
Canada
Indonesia
के श्रमिक संगठनों के सदस्य शामिल हुए। उन्होंने अपने-अपने देशों में ऊर्जा और खनन क्षेत्र में हो रहे बदलावों तथा श्रमिक संगठनों की भूमिका के बारे में जानकारी साझा की।
वैश्विक स्तर पर श्रमिक एकता का आह्वान
सेमिनार में यह निष्कर्ष निकला कि ऊर्जा और खनन क्षेत्र में हो रहे बदलावों के बीच श्रमिकों की सुरक्षा, रोजगार स्थिरता और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। इसके लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर श्रमिक संगठनों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है।
वक्ताओं ने कहा कि यदि यूनियनें मजबूत और संगठित रहेंगी तो वे न केवल श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा कर सकेंगी, बल्कि औद्योगिक बदलाव के दौर में संतुलित और न्यायपूर्ण व्यवस्था भी सुनिश्चित कर पाएंगी।














