रोआम, ठकुरा और गुआसाई गांवों से 18 नए छात्र जुड़े, शिक्षा सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम
गुवा संवाददाता।
दिनांक 24 नवंबर 2025 को डीएवी गुवा के 50 बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) विद्यार्थियों को सीएसआर निःशुल्क शिक्षा योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की गई। यह वितरण कार्यक्रम गुआ क्लब में आयोजित हुआ, जिसकी अध्यक्षता सीजीएम माइंस श्री सी. बी. कुमार ने की।

यूनिफॉर्म, स्वेटर, ब्लेज़र और जूते बांटे गए
कार्यक्रम के दौरान छात्रों को—
- स्कूल यूनिफॉर्म
- स्वेटर
- ब्लेज़र
- जूते
आदि जरूरत की सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई गई। इन सामग्री को पाकर बच्चे काफी उत्साहित दिखे। माता-पिता ने भी इस पहल का स्वागत किया और कहा कि इससे शिक्षा का आर्थिक बोझ कम होगा।
पिछले साल 32 छात्र, इस वर्ष 18 नए छात्र जुड़े
पिछले वर्ष इस योजना के तहत 32 बीपीएल छात्र लाभान्वित हो रहे थे।
इस वर्ष रोआम, ठकुरा और गुआसाई तीनों सीएसआर गांवों से 18 नए छात्रों के जुड़ने के साथ कुल संख्या बढ़कर 50 पहुंच गई है।
यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि सीएसआर शिक्षा योजना क्षेत्र में गहरी पैठ बना रही है और अधिक परिवार इससे जोड़ रहे हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने बच्चों और शिक्षकों का उत्साह बढ़ाया। इनमें शामिल थे—
- श्री एस.पी. दास, महाप्रबंधक खान
- श्री आर.के. बग्गा, महाप्रबंधक परियोजना
- श्री एस. बनर्जी, महाप्रबंधक
- श्री अनिल कुमार, उप महाप्रबंधक
इन अधिकारियों ने बच्चों को प्रोत्साहित किया और कहा कि शिक्षा ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है।
सीएसआर-जीओएम की ओर से सुव्यवस्थित आयोजन
वितरण कार्यक्रम का आयोजन सीएसआर-जीओएम के तहत अनिल कुमार, डीजीएम सीएसआर द्वारा सफलतापूर्वक किया गया। उन्होंने बताया कि कंपनी का उद्देश्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा बाधित न हो।
सीएसआर टीम द्वारा पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न किया गया।

समाज के विकास में शिक्षा सर्वोपरि: सीजीएम माइंस
अध्यक्षता करते हुए सीजीएम माइंस श्री सी. बी. कुमार ने कहा कि कंपनी की यह पहल केवल सामग्री वितरण नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य को मजबूत करने का प्रयास है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी ऐसी योजनाओं को और व्यापक बनाया जाएगा।
इस कार्यक्रम ने समुदाय में शिक्षा के प्रति विश्वास को और मजबूत किया है। बीपीएल परिवारों के लिए यह कदम आर्थिक राहत के साथ-साथ बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह भी बढ़ाता है।















