36 और 33 वर्षों की सेवा को मिला सम्मान, सीजीएम ने दिया प्रेरणादायी संदेश
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के केंद्रीय खनन एवं रसद संगठन, किरीबुरू लौह अयस्क खदान में वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले दो कर्मियों के सेवानिवृत्ति पर एक भावभीना और गरिमामय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हालटॉप परिसर में सीजीएम पी. एम. शिरपुरकर के नेतृत्व में आयोजित हुआ, जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलकर दोनों कर्मियों को सम्मानपूर्वक विदाई दी।
तीन दशकों से अधिक सेवा देने वाले कर्मियों को विदाई
दिनांक 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में शामिल हैं:

राजेन्द्र कुमार (जूनियर इंजीनियर, सर्विसेस)
सेवा अवधि: 02/12/1989 से 31/03/2026
कुल सेवा: 36 वर्ष 03 माह 30 दिन

विजय कुमार बाल (जूनियर इंजीनियर, इलेक्ट्रिकल-ए)
सेवा अवधि: 02/06/1992 से 31/03/2026
कुल सेवा: 33 वर्ष 09 माह 30 दिन
इन दोनों कर्मियों ने अपने लंबे कार्यकाल में संस्था के विकास और उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
स्वागत से सम्मान तक, कार्यक्रम रहा गरिमामय
कार्यक्रम की शुरुआत महाप्रबंधक श्री ए. के. विश्वास के स्वागत भाषण से हुई, जिसमें उन्होंने सेवानिवृत्त हो रहे कर्मियों के समर्पण, अनुशासन और कार्यनिष्ठा की सराहना की।
इसके बाद सहायक प्रबंधक श्री प्रवीण कुमार मीना द्वारा दोनों कर्मियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि द्वारा अपने संबोधन में कर्मियों के योगदान को याद करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
मुख्य अतिथि एवं अधिकारियों द्वारा स्मृतिचिह्न और प्रमाण पत्र देकर दोनों कर्मियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में एजीएम श्रीमती गीता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
सीजीएम का संदेश: “ईमानदारी और समर्पण ही असली पहचान”
समारोह के दौरान सीजीएम पी. एम. शिरपुरकर ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि—
“सेल जैसी विशाल संस्था की मजबूती उसके कर्मियों की निष्ठा, अनुशासन और समर्पण पर टिकी होती है। राजेन्द्र कुमार और विजय कुमार बाल जैसे कर्मियों ने अपने कार्यकाल में जिस ईमानदारी और प्रतिबद्धता का परिचय दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक आदर्श है।”
उन्होंने आगे कहा कि सेवानिवृत्ति किसी अंत का नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत का संकेत है। “अब यह समय है अपने अनुभवों को समाज और परिवार के साथ साझा करने का। संस्था हमेशा इनके योगदान को याद रखेगी।”

भावुक माहौल में दी गई विदाई
समारोह के दौरान माहौल भावुक हो गया जब दोनों सेवानिवृत्त कर्मियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने कार्यकाल की यादों को ताजा करते हुए सहकर्मियों और अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।
सहकर्मियों ने भी उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना की।
सम्मान और प्रेरणा का प्रतीक बना समारोह
यह समारोह न केवल सेवानिवृत्त कर्मियों के सम्मान का अवसर बना, बल्कि युवा कर्मचारियों के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि कड़ी मेहनत, ईमानदारी और समर्पण से ही एक कर्मचारी अपनी अलग पहचान बना सकता है।














