सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भाषणों और पुरस्कार वितरण ने मोहा सभी का मन
रिपोर्ट – शैलेश सिंह
भव्य समापन समारोह का आयोजन
मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदान के सामुदायिक केंद्र में राजभाषा हिंदी पखवाड़ा का समापन समारोह बड़े ही हर्षोल्लास और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। दो सप्ताह तक चले इस पखवाड़े में खदान के अधिकारी, कार्मिक, महिलाएँ और स्कूली बच्चों ने 26 प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य महाप्रबंधक (खान) श्री आर.पी. सेलबम, विशिष्ट अतिथि श्रीमती स्टेला सेलवम, महाप्रबंधक (लीज एवं पर्यावरण) मनोज कुमार तथा महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा) योगेश प्रसाद राम उपस्थित रहे।
गणेश वंदना और दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
समारोह का शुभारंभ गणेश वंदना और स्तुति गीतों से किया गया। वातावरण भक्तिमय हो उठा जब बच्चों ने सामूहिक स्वर में “ॐ गजाननं भूतगणाधिसेवितम्…” और “कर्पूरगौरं करुणावतारम्…” का पाठ किया।

इसके उपरांत मंचासीन अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। दीप प्रज्वलन के दौरान “शुभं करोति कल्याणम्…” और “दीपो ज्योति परं ब्रह्म…” जैसे श्लोकों का उच्चारण कर समारोह को और भी पावन बना दिया गया।
हिंदी भाषा के महत्व पर जोर
मुख्य अतिथि श्री आर.पी. सेलबम ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्राचीन भाषाओं में संस्कृत का विशिष्ट स्थान है, उसी तरह आधुनिक युग में हिंदी ने अपनी एक सशक्त पहचान बनाई है। उन्होंने कहा –

“हिंदी की काया मुख्यतः संस्कृत से बनी है। यह संस्कृत की प्रतिलिपि नहीं, बल्कि अपनी विशिष्ट पहचान और व्यक्तित्व वाली भाषा है। इसने अनेक भाषाओं के शब्दों को आत्मसात कर उन्हें सहज और सरल रूप प्रदान किया है।”
हिंदी हमारी आत्मा की भाषा – स्टेला सेलवम
मेघाहातुबुरु महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती स्टेला सेलवम ने अपने विचार रखते हुए कहा –
“हिंदी भारत की आत्मा की भाषा है। 14 सितंबर 1949 को इसे राजभाषा के रूप में लागू किया गया। हमारे स्वतंत्रता संग्राम में संचार और एकता का माध्यम भी यही रही। कबीर, तुलसी, मीरा, भारतेंदु, प्रसाद, निराला और दिनकर जैसे कवियों ने हिंदी को समृद्ध और अलंकृत किया।”
उन्होंने आगे कहा कि हिंदी का महत्व केवल सरकारी आदेश से नहीं बल्कि जनमानस की आत्मा से जुड़ा हुआ है।
मंच संचालन और प्रतियोगिताओं की झलक
कार्यक्रम का संचालन सहायक महाप्रबंधक (सर्वेक्षण) एवं हिंदी अधिकारी अवधेश कुमार ने किया। उन्होंने कहा –
“जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरियसी… अपनी मातृभाषा और मातृभूमि से बढ़कर कुछ भी नहीं हो सकता।”

उन्होंने बताया कि 14 से 28 सितंबर तक चले इस पखवाड़े में अधिकारियों, कार्मिकों, गृहिणियों और बच्चों ने मिलकर कुल 26 प्रतियोगिताओं में भाग लिया। 190 से अधिक प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।
पुरस्कार वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रम
उप महाप्रबंधक (भूगर्भ) मनोज कुमार ने पुरस्कार वितरण में प्रमुख भूमिका निभाई।
सहायक महाप्रबंधक (खनन) पवन कुमार, सहायक महाप्रबंधक (सी एंड आई टी) मृत्युंजय कुमार, राहुल मीणा, ए.के.के. रेड्डी, अफजल हुसैन, गुंजन कुमार, राजेंद्र मंडल सहित अन्य अधिकारियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चाँद लगा दिए। सनलाइट स्कूल, ब्राइट फ्यूचर एकेडमी और किड्स टेम्पल के बच्चों ने नृत्य व गीत प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।
हिंदी पखवाड़ा: भाषा और संस्कृति का संगम
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हिंदी केवल राजभाषा नहीं बल्कि जन-जन की आत्मा की भाषा है। यह भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोती है।
हिंदी पखवाड़ा इस बात का प्रतीक है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं बल्कि संस्कृति, साहित्य और संस्कारों का संवाहक भी है।

विजेताओं की सूची (तालिका रूप में)
नीचे दी गई तालिका में विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का विवरण प्रस्तुत है:
| क्र. | प्रतियोगिता | श्रेणी/स्तर | विजेता/पुरस्कार प्राप्तकर्ता |
|---|---|---|---|
| 1 | हिंदी में सर्वाधिक कार्य | अधिकारी/कार्मिक | बिनोद कुमार (वित्त एवं लेखा) |
| 2 | अंताक्षरी (अधिकारियों व कार्मिक) | टीम | डा. मनोज कुमार, संदीप कुमार भारद्वाज, राहुल मीणा, अजय प्रसाद |
| 3 | अंताक्षरी (घरेलू महिलाएँ) | टीम | प्रथम: रीना राजवार व तिलोत्मा महतो; द्वितीय: अंजु दास व सोमा सरकार; तृतीय: देवी माया व ज्योति पासवान; चतुर्थ: प्रियंका कुमारी व सावित्री गुप्ता, माला राज व सुर्यमनी पुर्ती; प्रोत्साहन: सुमिता प्रसाद व रीना कुमारी, मीनु रानी महतो व रुचिस्मिता दास |
| 4 | अनुवाद प्रतियोगिता | अधिकारी/कर्मचारी | प्रथम: मृत्युंजय कुमार; द्वितीय: प्रकाश कुमार गुप्ता; तृतीय: पवन कुमार; चतुर्थ: मोहन कुमार; प्रोत्साहन: संदीप कुमार भारद्वाज |
| 5 | श्रुतिलेख | अधिकारी/कर्मचारी | प्रथम: प्रकाश कुमार गुप्ता; द्वितीय: गुंजन सिंह; तृतीय: मृत्युंजय कुमार; चतुर्थ: राजेंद्र मंडल; प्रोत्साहन: सुदर्शन पान |
| 6 | क्विज | अधिकारी/कर्मचारी | प्रथम: पवन कुमार; द्वितीय: निशांत कुमार; तृतीय: डा. मनोज कुमार; चतुर्थ: राहुल कुमार मीणा; प्रोत्साहन: अजय प्रसाद, फोरमेन महतो, संतोष कुमार |
| 7 | कविता पाठ | नर्सरी छात्र | प्रथम: अर्निका तोमर सिंह (सनलाइट); द्वितीय: सांवी शर्मा (सनलाइट); तृतीय: आद्या कुमारी (सनलाइट); चतुर्थ: आयुष पासवान (लिटिल एंजल); प्रोत्साहन: तृप्ति दास (ब्राइट फ्यूचर) |
| 8 | कविता पाठ | कक्षा 1-2 | प्रथम: शिफा हसन (के.वि.); द्वितीय: दीप्ति महतो (के.वि.); तृतीय: प्रांसुल वर्मा (के.वि.); चतुर्थ: सान्वी कुमारी (प्रोजेक्ट स्कूल); प्रोत्साहन: अत्रिका डे (के.वि.) |
| 9 | कविता पाठ | कक्षा 3-4 | प्रथम: कुमार सार्थक (के.वि.); द्वितीय: साक्ष्य सात्विक (के.वि.); तृतीय: साक्ष कुमार (के.वि.); चतुर्थ: दीप्ति राज (के.वि.); प्रोत्साहन: सृष्टि कुमारी (प्रोजेक्ट स्कूल) |
| 10 | कविता पाठ | कक्षा 5-6 | प्रथम: मिहिर महंता (के.वि.); द्वितीय: अक्षत मुखर्जी (के.वि.); तृतीय: आशीष मिश्रा (के.वि.); चतुर्थ: स्वेता सिंह (के.वि.); प्रोत्साहन: समृद्धि वैभव (के.वि.) |
| 11 | कविता पाठ | कक्षा 7-8 | प्रथम: अनामिका मिश्रा (के.वि.); द्वितीय: साकार सिंह (के.वि.); तृतीय: मुस्कान कुमारी (के.वि.); चतुर्थ: श्रेयांश पंडा (के.वि.); प्रोत्साहन: पूजा बिरुवा (प्रोजेक्ट स्कूल) |
| 12 | कविता पाठ | कक्षा 9-10 | प्रथम: गितिका सिंह (के.वि.); द्वितीय: ऋतिका सिंह (के.वि.); तृतीय: प्रगति सिंह (के.वि.); चतुर्थ: साक्षी पाठक (प्रोजेक्ट स्कूल); प्रोत्साहन: सिद्धार्थ सिंह महरोड़ (के.वि.) |
| 13 | कविता पाठ | कक्षा 11-12 | प्रथम: कृतज्ञ तेजस (के.वि.); द्वितीय: अनुष्का मिश्रा (के.वि.); तृतीय: निहारिका कुमारी (के.वि.); चतुर्थ: कल्पना कुमारी (के.वि.); प्रोत्साहन: पायल कुमारी (के.वि.) |
| 14 | कविता पाठ | अधिकारी/कर्मचारी | प्रथम: मोहन कुमार; द्वितीय: गुंजन सिंह; तृतीय: धनुर्जय लागुरी; चतुर्थ: अफजल हुसैन |
| 15 | कविता पाठ | गृहिणियाँ | प्रथम: रिंकी सिंह; द्वितीय: मीनु रानी महतो; तृतीय: सुमिता प्रसाद; चतुर्थ: सावित्री गुप्ता; प्रोत्साहन: माला सिंह, रीता मिश्रा |
| 16 | निबंध | अधिकारी/कार्मिक | प्रथम: गुंजन कुमार; द्वितीय: मृत्युंजय कुमार; तृतीय: पवन कुमार |
| 17 | निबंध | अहिंदीभाषी अधिकारी/कार्मिक | प्रथम: मनोज कुमार गिरी |
| 18 | निबंध | कक्षा 9-10 | प्रथम: तनुश्री राउत (के.वि.); द्वितीय: अनुष्का यादव (प्रोजेक्ट स्कूल); तृतीय: तृप्ति झा (के.वि.); चतुर्थ: गीतिका सिंह (के.वि.); प्रोत्साहन: अनन्या कुमारी (प्रोजेक्ट स्कूल) |
| 19 | निबंध | कक्षा 11-12 | प्रथम: रिद्धिमा सिंह (के.वि.); द्वितीय: रानी कुमारी (प्रोजेक्ट स्कूल); तृतीय: अनुष्का मिश्रा (के.वि.); चतुर्थ: पायल कुमारी (के.वि.); प्रोत्साहन: निहारिका कुमारी (के.वि.) |
| 20 | टिप्पणी लेखन | अधिकारी | प्रथम: मृत्युंजय कुमार; द्वितीय: प्रकाश कुमार गुप्ता; तृतीय: पवन कुमार; चतुर्थ: राहुल कुमार मीणा |
| 21 | आवेदन लेखन | फील्ड कार्मिक | प्रथम: गुंजन सिंह; द्वितीय: अशोक कुमार सिंह; तृतीय: राजेंद्र मंडल |
| 22 | आवेदन लेखन | अहिंदीभाषी कार्मिक | प्रथम: मनोज कुमार गिरी; द्वितीय: सुदर्शन पान |
| 23 | पेंटिंग | नर्सरी | प्रथम: सान्वी शर्मा; द्वितीय: दिव्यांश गुप्ता; तृतीय: शिवानी कुमारी; चतुर्थ: अंकिता सरकार; प्रोत्साहन: दिवीत राज |
| 24 | पेंटिंग | कक्षा 1-2 | प्रथम: दीप्ति महतो; द्वितीय: आराध्या दास; तृतीय: गुड्डु सिंह; चतुर्थ: प्रांसुल वर्मा; प्रोत्साहन: ताजिम शैयस्ता |
| 25 | पेंटिंग | कक्षा 3-4 | प्रथम: मौप्रिया महतो; द्वितीय: साक्ष कुमार; तृतीय: सृष्टि कुमारी; चतुर्थ: आकिफा सलीम; प्रोत्साहन: सम्पूर्णा दास |
| 26 | पेंटिंग | कक्षा 5-6 | प्रथम: प्रांसी घोष; द्वितीय: अद्वितीय डे; तृतीय: पृतीश मंडल; चतुर्थ: पल्लवी चातर; प्रोत्साहन: आयुषी प्रसाद |
| 27 | नारा पोस्टर | कक्षा 7-8 | प्रथम: श्रेयांश पंडा; द्वितीय: खुशी कुमारी; तृतीय: श्रेया रानी; चतुर्थ: अनुष्का डे; प्रोत्साहन: प्रीति मांझी |
निष्कर्ष
मेघाहातुबुरु खदान का यह हिंदी पखवाड़ा समारोह न केवल भाषा और साहित्य का उत्सव रहा, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग की सहभागिता देखने को मिली।
अधिकारियों से लेकर कार्मिकों, गृहिणियों से लेकर बच्चों तक, सभी ने हिंदी के महत्व को समझा और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इस तरह यह पखवाड़ा हिंदी भाषा के प्रसार और सांस्कृतिक समृद्धि का जीवंत उदाहरण बन गया।













