किरीबुरू में महिला सशक्तिकरण के लिए आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण, झारखंड और ओडिशा की 57 महिला कर्मियों ने लिया हिस्सा
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) के झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) द्वारा महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम “SAILya Putri: Empowering Women, Enriching Workplaces” का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम किरीबुरू स्थित लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (L&DC) में आयोजित हुआ, जिसमें झारखंड और ओडिशा के विभिन्न खदान क्षेत्रों से आई महिला कर्मचारियों ने भाग लिया।
यह कार्यक्रम खनन क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए ज्ञान, नेतृत्व विकास और पेशेवर कौशल को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

खनन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की पहल
“SAILya Putri” कार्यक्रम को खनन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड ग्रुप ऑफ माइंस (JGOM) और ओडिशा ग्रुप ऑफ माइंस (OGOM) से कुल 57 महिला कर्मचारी शामिल हुईं। इनमें कार्यकारी (Executives), गैर-कार्यकारी (Non-executives) और संविदा कर्मचारी भी शामिल थीं।
प्रतिभागियों ने किरीबुरू आयरन ओर माइंस (KIOM), मेघाहातुबुरु आयरन ओर माइंस (MIOM), गुवा ओर माइंस (GOM), मनोहरपुर ओर माइंस (MOM), बोलानी ओर माइंस (BOM) और बरसुआं आयरन माइंस (BIM) जैसे विभिन्न खनन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व किया।

अधिकारियों ने किया स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत में रथिन बिस्वास, उप महाप्रबंधक (HR–L&D) ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में आसनादा श्रीकांत, सहायक प्रबंधक (HR–L&D) और आर.के. साहू, सहायक महाप्रबंधक (HR–L&D) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पूरे दिन चले ज्ञानवर्धक सत्र
इस एक दिवसीय कार्यक्रम में महिलाओं के पेशेवर और व्यक्तिगत विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर इंटरैक्टिव सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई:
* कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकार, नीतियां और जिम्मेदारियां
* खनन क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा
* वित्तीय आत्मनिर्भरता और करियर विकास
* नेतृत्व क्षमता का विकास और व्यक्तिगत प्रगति
* “Women in Leadership: Breaking Barriers” विषय पर पैनल चर्चा
इन सत्रों के माध्यम से महिलाओं को कार्यस्थल की चुनौतियों से निपटने और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

विशेषज्ञों ने साझा किया अनुभव
कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों और वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने अनुभव और विचार साझा किए।
मुख्य वक्ताओं में शामिल थे:
* अमित कुमार बिस्वास, महाप्रबंधक (HR), KIOM–MIOM
* डॉ. एस. जे. कुल्लू, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा अधिकारी (M&HS)
* वाई. पी. राम, महाप्रबंधक (वित्त एवं लेखा), MIOM
* अर्चना सत्पथी, कॉन्फिडेंस काउंसलर (CoC), राउरकेला स्टील प्लांट
अर्चना सत्पथी ने विशेष रूप से लीडरशिप डेवलपमेंट पर सत्र लेकर महिलाओं को नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
वरिष्ठ प्रबंधन का मिला मजबूत समर्थन
इस पहल को सेल के वरिष्ठ प्रबंधन का भी पूरा समर्थन मिला।
कार्यक्रम को प्रोत्साहन देने वालों में प्रमुख रूप से शामिल थे:
पी. एम. शिरपुरकर, मुख्य महाप्रबंधक (माइंस), KIOM
डी. मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक (HR–माइंस)
समापन समारोह में शामिल हुए वरिष्ठ अधिकारी
कार्यक्रम के समापन सत्र में कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें शामिल थे:
* एस. एस. शाह, मुख्य महाप्रबंधक (मेंटेनेंस) एवं प्रभारी BNP–TDR माइंस
* डी. मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक (HR–माइंस)
* पी. एम. शिरपुरकर, मुख्य महाप्रबंधक (माइंस), KIOM
* सी. बी. कुमार, मुख्य महाप्रबंधक (माइंस), GOM–MOM
* अर्चना सत्पथी, CoC, राउरकेला स्टील प्लांट
झारखंड और ओडिशा के बीच सहयोग का उदाहरण
इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें झारखंड और ओडिशा के खनन क्षेत्रों की महिला कर्मचारी एक मंच पर आईं।
इससे न केवल अनुभवों का आदान-प्रदान हुआ बल्कि दोनों राज्यों की खनन इकाइयों के बीच सहयोग और समन्वय भी मजबूत हुआ।

पुरुष प्रधान क्षेत्र में महिलाओं की मजबूत उपस्थिति
खनन क्षेत्र को परंपरागत रूप से पुरुष प्रधान माना जाता रहा है। ऐसे में “SAILya Putri” जैसे कार्यक्रम महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
यह पहल महिलाओं को ज्ञान, प्रशिक्षण और नेटवर्किंग के माध्यम से आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करती है।
भविष्य में भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
सेल प्रबंधन का मानना है कि “SAILya Putri” कार्यक्रम भविष्य में सेल की अन्य खनन इकाइयों के लिए भी एक मॉडल बन सकता है।
इस पहल के माध्यम से संगठन में लैंगिक समानता, समावेशिता और कर्मचारी विकास को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
महिला कर्मचारियों ने भी इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम उनके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।












