सेल परिवार में सम्मान का दिन
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
स्थान – ऑफिसर्स क्लब, किरीबुरु लौह अयस्क खान | दिनांक – 07 अक्टूबर 2025
भारतीय इस्पात प्राधिकरण लिमिटेड (SAIL) के सी.एम.एल.ओ. किरीबुरु लौह अयस्क खान में “सेल शाबाश स्कीम 2025-26” के अंतर्गत उत्कृष्ट कर्मियों को सम्मानित करने हेतु एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम किरीबुरु स्थित ऑफिसर्स क्लब में हुआ, जिसमें खनन इकाइयों के कई वरिष्ठ अधिकारी, पुरस्कार विजेता कर्मचारी, उनके परिवारजन और अन्य कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हुए।

मंच संचालन में अनीता का प्रभावी नेतृत्व
कार्यक्रम की शुरुआत मानव संसाधन विभाग की एडमिन एसोसिएट कुमारी अनीता के सधे हुए मंच संचालन से हुई। उन्होंने स्वागत गीतों और काव्यात्मक पंक्तियों के माध्यम से पूरे समारोह का वातावरण गरिमामय बना दिया। उन्होंने कहा, “सेल शाबाश स्कीम कर्मचारियों को तत्क्षण पहचान और प्रेरणा देने की योजना है, जिससे उनके मनोबल और कार्यक्षमता में निरंतर वृद्धि होती है।”
स्वागत भाषण में जताया गर्व
स्वागत भाषण श्री एस. एस. शाह, मुख्य महाप्रबंधक (माइंस मेंटेनेंस), किरीबुरु ने दिया। उन्होंने कहा, “खनन क्षेत्र के कर्मियों की मेहनत और तकनीकी निष्ठा के कारण ही आज सेल विश्व के अग्रणी इस्पात उत्पादकों में शुमार है। शाबाश योजना इसी समर्पण को सम्मानित करने का एक सशक्त माध्यम है।”

मुख्य अतिथि विकाश मनवती ने बढ़ाया उत्साह
मुख्य अतिथि श्री विकाश मनवती, कार्यकारी निदेशक (खनन), बोकारो ने विजेताओं को स्मृति-चिह्न प्रदान किए। उनके साथ श्री सुधीर शर्मा, मुख्य महाप्रबंधक (ऑपरेशन), जे.जी.ओ.एम. भी मंच पर उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री मनवती ने कहा – “सेल का हर कर्मचारी हमारी ताकत है। ‘शाबाश’ योजना उनके उत्कृष्ट कार्यों को न केवल सम्मानित करती है बल्कि पूरे संगठन को नवाचार के लिए प्रेरित करती है।”
ED श्रेणी के विजेता: नवाचार की नई पहचान
ED श्रेणी में आठ कर्मियों को सम्मानित किया गया।
- कपिल तोमर को KIOM के क्रशिंग प्लांट में SAP प्रणाली के सफल क्रियान्वयन हेतु सम्मान मिला।
- अमिताभ महाराणा ने SAP इम्प्लिमेंटेशन और IT रिटर्न फाइलिंग में दक्षता दिखाई।
- धर्मेंद्र सेठिया को दुआरगुईबुरू-शगलगुल खदान की पर्यावरण स्वीकृति में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
- मकरध्वज दास ने ट्रिपर की तकनीकी सुधार से उत्पादन क्षमता बढ़ाई। अन्य विजेताओं में मयाधर बोसा, अश्विनी कुमार मांझी, जगरनाथ चातर और संजीव पांडा शामिल रहे, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में दक्षता और तकनीकी सुधार से खनन प्रक्रिया को सुचारू बनाया।
कमलेश राय के नेतृत्व में KIOM के कर्मियों का सम्मान
Chief General Manager (Incharge-Mines) श्री कमलेश राय ने चार कर्मियों को सम्मानित किया।
- राकेश कुमार राजा ने करोड़ों रुपये की लागत बचाते हुए ट्रांसमिशन माउंटिंग क्षेत्र की इन-हाउस मरम्मत सुनिश्चित की।
- राहुल कुमार यादव ने डंपर और रेलिंग की इन-हाउस फैब्रिकेशन कर वित्तीय बचत सुनिश्चित की।
- अमृतेश ने वर्ष 2025-26 में सर्वाधिक उत्पादन ट्रिप दर्ज किए।
- हीरलाल सुंडी ने साइड कास्टिंग कार्य को कम समय में पूर्ण कर सुरक्षा और कार्यकुशलता दोनों का उदाहरण प्रस्तुत किया।
मेघाहातुबुरू के कर्मियों को मिला सम्मान
Chief General Manager (Mines) श्री आर. पी. सेल्वम ने छह कर्मियों को पुरस्कृत किया। इनमें एम. कुमार, अवधेश कुमार, कुमार अनुपम, आदित्य, प्रवीण कुमार मीणा और मनोज कुमार गिरी शामिल रहे। इन सभी ने खदान सर्वेक्षण, SAP उपयोग, वैधानिक खान योजना और तकनीकी सुधारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।

श्री पी. एम. शिरपुरकर ने किरीबुरु यूनिट के नवाचार कर्मियों को किया सम्मानित
Chief General Manager (Mines) श्री पी. एम. शिरपुरकर ने चार कर्मियों को सम्मानित किया – राजेंद्र कुमार, अभिमन्यु महांता, रबींद्र कुमार बेहरा और लक्ष्मण कुमार बारिक। इन कर्मियों ने विद्युत सर्किट, ड्रैग चेन और फील्ड मटेरियल प्रबंधन में नवीन समाधान प्रस्तुत किए, जिससे संयंत्र की कार्यक्षमता में वृद्धि हुई।
गुवा खदान इकाई के कर्मियों को मिला सराहनीय सम्मान
Chief General Manager (GOM) श्री चंद्र भूषण कुमार ने सात कर्मियों को सम्मानित किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में कार्य कर अनुकरणीय उदाहरण पेश किए।
- डी. के. राजक ने विपरीत मौसम में उत्पादन बाधित न होने दिया।
- दिलीप गंगोपाध्याय ने तेज़ तूफान के बाद टाउनशिप में बिजली बहाल कर कर्मियों की राहत सुनिश्चित की।
- ऋषभ सिंह ने वाइल्डलाइफ एंड बायोडायवर्सिटी कंज़र्वेशन योजना तैयार की।
- मिथिलेश कुमार, अविनाश कुमार, इंद्रजीत शर्मा और बिरांची लोहार ने इन्वेंट्री प्रबंधन, लागत बचत और तकनीकी सुधार से खदान संचालन को मजबूत किया।
मुख्य अतिथियों के उद्बोधन में दिखा उत्साह
सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने संबोधन में कर्मियों के योगदान की सराहना की। श्री विकाश मनवती ने कहा – “सेल शाबाश योजना केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि संगठन के आत्मबल का प्रतीक है।” वहीं श्री कमलेश राय ने कहा – “खनन कार्य की सफलता सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।” श्री आर. पी. सेल्वम ने इसे कर्मचारियों की प्रतिबद्धता का सम्मान बताया।
धन्यवाद ज्ञापन में झलका गर्व
कार्यक्रम का समापन श्री धीरेंद्र मिश्र, मुख्य महाप्रबंधक (HR), JGOM द्वारा धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। उन्होंने कहा – “आज का दिन उन सभी कर्मियों के नाम है जिन्होंने कठिन हालात में भी संगठन के लक्ष्य को अपना कर्तव्य समझकर पूरा किया। यह समारोह हमारी टीम भावना का परिचायक है।”
सामूहिक फोटोग्राफी में झलकी एकता की तस्वीर
कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता, अधिकारी और अतिथियों ने सामूहिक फोटोग्राफी में भाग लिया। यह पल संगठन की सामूहिक सफलता और सेल परिवार की एकता का प्रतीक बन गया।

सेल शाबाश स्कीम : प्रेरणा का माध्यम
सेल द्वारा शुरू की गई “शाबाश स्कीम” एक अनूठी पहल है, जिसके तहत कर्मचारियों के नवाचार, तत्परता और तकनीकी उत्कृष्टता को पहचानते हुए “तत्काल पुरस्कार” प्रदान किया जाता है। यह योजना संगठन की उत्पादकता, मनोबल और नवाचार क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जा रही है।
निष्कर्षतः, इस सम्मान समारोह ने यह संदेश दिया कि “कड़ी मेहनत और समर्पण कभी अनदेखे नहीं रहते।” सेल परिवार ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब टीम भावना, नवाचार और समर्पण एक साथ मिलते हैं — तब सफलता अपने आप ‘शाबाश’ कह उठती है।













