कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ
रिपोर्ट – शैलेश सिंह
लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (एल एंड डीसी), किरीबुरू में आज नए श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ गणमान्य अतिथियों और यूनियन प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

यह कार्यशाला चाईबासा क्षेत्र के खान सुरक्षा निदेशक श्री आर. आर. मिश्रा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें वरिष्ठ प्रबंधन, विभिन्न यूनियनों, कर्मचारी समूहों और केआईओएम–एमआईओएम के बड़ी संख्या में श्रमिकों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया।
प्रबंधन की अपेक्षाएँ और बदलते श्रम नियम
स्वागत भाषण – श्री राम सिंह (महाप्रबंधक प्रभारी, केआईओएम)
अपने स्वागत उद्बोधन में श्री राम सिंह ने नए श्रम सुधारों की गहन समझ को अनिवार्य बताते हुए कहा कि किसी भी उद्योग में नियम तभी प्रभावी सिद्ध होते हैं, जब基层 स्तर तक उनकी स्पष्ट जानकारी हो। उन्होंने प्रबंधन की अपेक्षाओं पर भी प्रकाश डाला।

नई श्रम संहिताएँ — एक बड़ा सुधारात्मक कदम
मुख्य महाप्रबंधक (खान), एमआईओएम – श्री आर. पी. सेल्वम का संबोधन
अपने वक्तव्य में श्री आर. पी. सेल्वम ने कहा कि नई श्रम संहिताएँ—सरलीकरण, पारदर्शिता और अनुपालन की दिशा में अभूतपूर्व कदम हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह कार्यशाला झारखंड खान समूह में संहिताओं के सुचारू अनुकूलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
खान सुरक्षा निदेशक का मुख्य भाषण
नई संहिताओं के प्रावधानों की विस्तृत व्याख्या
खान सुरक्षा निदेशक श्री आर. आर. मिश्रा ने मुख्य भाषण देते हुए नई श्रम संहिताओं के तहत किए गए प्रमुख बदलावों की गहन व्याख्या की। उन्होंने विशेष तौर पर निम्न बिंदुओं पर जोर दिया—

- सरलीकृत नियामक ढांचा
- उन्नत श्रमिक अधिकार और सुरक्षा प्रावधान
- नियोक्ताओं की नई जिम्मेदारियाँ
- दस्तावेज़ीकरण और अनुपालन की अद्यतन व्यवस्था
उन्होंने संहिताओं के व्यावहारिक अनुप्रयोग और ऑपरेशनल आवश्यकताओं को भी स्पष्ट किया।
तकनीकी प्रस्तुति — चरण-दर-चरण अनुपालन मार्गदर्शिका
डीजीएम (एचआर-एल एंड डी) एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण अधिकारी श्री रथिन बिस्वास ने अत्यंत विस्तृत तकनीकी प्रस्तुति दी। इसमें शामिल था—
- वैधानिक प्रावधानों की व्याख्या
- खनन क्षेत्र पर सीधे पड़ने वाला प्रभाव
- पालन प्रक्रियाओं की चरणबद्ध रूपरेखा
- कार्यस्थलों पर लागू होने वाली नई जिम्मेदारियाँ
यह प्रस्तुति श्रम संहिताओं को लागू करने के लिए एक व्यावहारिक गाइड के रूप में सामने आई।
महत्वपूर्ण उपस्थिति — शीर्ष नेतृत्व से लेकर यूनियन प्रतिनिधि तक
कार्यशाला में बड़ी संख्या में प्रमुख अधिकारी और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
- श्री धीरेंद्र मिश्र, मुख्य महाप्रबंधक (मानव संसाधन खान), जेजीओएम
- श्री एस. के. सिंह, महाप्रबंधक एवं खान प्रबंधक, एमआईओएम
- श्री मनोज कुमार, नोडल सुरक्षा अधिकारी, जेजीओएम
- केआईओएम–एमआईओएम के सभी विभागाध्यक्ष
- सुरक्षा अधिकारी
- विभिन्न यूनियनों के प्रतिनिधि
- श्रम निरीक्षक
- महिला कर्मचारी प्रतिनिधि
इस विविध भागीदारी ने कार्यक्रम को अधिक समावेशी और प्रभावी बनाया।
इंटरैक्टिव सत्र — कठिन सवाल और स्पष्ट जवाब
सत्र के दौरान श्रमिकों और यूनियनों ने नए नियमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण और जटिल सवाल उठाए, जिन पर अधिकारियों ने विस्तृत स्पष्टीकरण दिया। चर्चा के प्रमुख मुद्दे रहे—
- अनुपालन और दस्तावेज़ीकरण
- कर्मचारी कल्याण प्रावधान
- सामाजिक सुरक्षा उपाय
- कार्यबल सहभागिता रणनीतियाँ
कार्यशाला का निष्कर्ष — सामूहिक प्रतिबद्धता का संकल्प
सत्र के अंत में सभी हितधारकों ने (केआईओएम–एमआईओएम) झारखंड खान समूह में नई श्रम संहिताओं को समयबद्ध, पारदर्शी और पूर्णतः अनुपालनकारी तरीके से लागू करने का संकल्प लिया।

यह कार्यशाला न केवल ज्ञानवर्धक रही बल्कि श्रम सुधारों को धरातल पर लागू करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।














