पहले सेमीफाइनल में टाउनशिप टाइटंस को 8 विकेट से हराया, कप्तान एवरेस्ट बने हीरो
रिपोर्ट शैलेश सिंह
द लूज़र्स क्लब, मेघाहातुबुरु-किरीबुरू और सेल, मेघाहातुबुरु प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एमपीएल (मेघाहातुबुरु प्रीमियम लीग) क्रिकेट टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबलों में रोमांच चरम पर रहा। 23 मार्च को खेले गए पहले सेमीफाइनल में महावीर महाराजस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टाउनशिप टाइटंस को 8 विकेट से हराकर फाइनल में जगह बना ली।

टाइटंस की पारी – हेमानंद का संघर्ष, लेकिन टीम नहीं संभल सकी
पहले बल्लेबाजी करते हुए टाउनशिप टाइटंस ने 10 ओवर में 8 विकेट खोकर 96 रन बनाए। टीम की ओर से हेमानंद ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 16 गेंदों में 34 रन बनाए, जिसमें 4 छक्के और 1 चौका शामिल रहा। गुलशन ने 19 रन और आतिश ने 14 रन का योगदान दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में असफल रहे।
महावीर महाराजस की दमदार चेज – कप्तान एवरेस्ट का जलवा
लक्ष्य का पीछा करने उतरी महावीर महाराजस की टीम ने शानदार संयम और आक्रामकता का परिचय देते हुए मात्र 9.1 ओवर में 2 विकेट खोकर जीत हासिल कर ली।

कप्तान एवरेस्ट प्रसाद ने नेतृत्व करते हुए 26 गेंदों में 40 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 2 छक्के और 3 चौके शामिल थे। विकाश सागर ने 23 रन, रवि पूर्ति ने 19 रन और फरहान आलम ने ताबड़तोड़ 11 रन बनाकर टीम को आसान जीत दिलाई।
गेंदबाजी में मास्टर अभ्यास और संतराज ने 2-2 विकेट लेकर अपनी टीम को शुरुआती बढ़त दिलाने की कोशिश की, लेकिन लक्ष्य छोटा साबित हुआ।
एवरेस्ट बने मैन ऑफ द मैच
ऑलराउंड प्रदर्शन और कप्तानी पारी के लिए एवरेस्ट प्रसाद को मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया।
दूसरा सेमीफाइनल – किरीबुरू किंग्स की शानदार जीत
दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में किरीबुरू किंग्स ने मेक मॉनस्टर को 6 विकेट से हराकर फाइनल की दौड़ में अपनी जगह मजबूत की।
पहले बल्लेबाजी करते हुए मेक मॉनस्टर ने 10 ओवर में 7 विकेट खोकर 75 रन बनाए। टीम की ओर से बुल्लू ने 30 गेंदों में 40 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 3 छक्के और 2 चौके शामिल थे।
जवाब में किरीबुरू किंग्स ने मात्र 8.2 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया। सिकंदर ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 15 गेंदों में 43 रन बनाए (4 छक्के, 3 चौके), जबकि वाहिद ने 18 रन का योगदान दिया।
सिकंदर भी बने मैन ऑफ द मैच
तूफानी बल्लेबाजी के लिए सिकंदर को मैन ऑफ द मैच का खिताब दिया गया।

अब निगाहें फाइनल पर – किससे होगा महावीर महाराजस का सामना?
24 मार्च को टाउनशिप टाइटंस और किरीबुरू किंग्स के बीच अहम मुकाबला खेला जाएगा। इस मैच में जीतने वाली टीम फाइनल में महावीर महाराजस से भिड़ेगी, जिससे टूर्नामेंट का रोमांच और बढ़ गया है।
फ्रेंचाइजी संजय सिंह की रणनीति बनी जीत की कुंजी
महावीर महाराजस की इस जीत के पीछे टीम की एकजुटता और संतुलित खेल सबसे बड़ा कारण रहा। फ्रेंचाइजी संजय सिंह की रणनीति और खिलाड़ियों को खुलकर खेलने की आज़ादी देने का फैसला टीम के लिए फायदेमंद साबित हुआ।
संजय सिंह ने खिलाड़ियों को न केवल पूरा समर्थन दिया, बल्कि मैच के दौरान सटीक रणनीति बनाकर टीम को दबाव से बाहर रखा। यही कारण रहा कि महावीर महाराजस ने हर परिस्थिति में संयम बनाए रखते हुए जीत हासिल की।
अधिकारियों और आयोजकों की सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर सेल के महाप्रबंधक योगेश प्रसाद राम, उप महाप्रबंधक सरस साहू, मेघाहातुबुरु खदान के ऑफिसर्स एसोसिएशन (जेजीओएम) के अध्यक्ष अवधेश कुमार, डॉ. मनोज कुमार, मोहन कुमार, आलोक वर्मा, मृत्युंजय कुमार, रमेश सिन्हा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
टूर्नामेंट के सफल आयोजन में क्लब के अध्यक्ष राहुल कुमार सेन, सचिव प्रभात कुमार मिंज, पीयूष गोप, बीरबल गुड़िया, अनमोल पांडे, फरहान आलम, एमडी कैफ, ऋषिकेश रजक, दीपू रजक, विवेक कुमार गुप्ता, नागेश झा, शहनाज, राज किशोर, गुलशन, गोलू, आकाश, अमित और राजू सहित कई सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।

एमपीएल बना क्षेत्र का क्रिकेट महाकुंभ
एमपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट अब क्षेत्र के खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा मंच बन चुका है, जहां युवा प्रतिभाएं अपने खेल का प्रदर्शन कर रही हैं। सेमीफाइनल मुकाबलों के बाद अब सभी की नजरें फाइनल पर टिक गई हैं, जहां खिताब के लिए जोरदार टक्कर देखने को मिलेगी।













