अहले सुबह घना कोहरा, बादलों और बूंदाबांदी ने मौसम को बनाया सुहावना
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सारंडा के घने साल वनों की गोद में बसे सेल नगरी किरीबुरू और मेघाहातुबुरु ने रविवार 8 मार्च की सुबह प्रकृति का एक बेहद लुभावना रूप देखा। अहले सुबह से ही दोनों शहरों में घना कोहरा छाया रहा, मानो पूरे इलाके ने धुंध की सफेद चादर ओढ़ ली हो। पहाड़ियों, जंगलों और शहर की सड़कों पर फैली धुंध ने पूरे वातावरण को रहस्यमयी और आकर्षक बना दिया।

धुंध में खोए पहाड़ और जंगल
सुबह के समय दूर-दूर तक फैली पहाड़ियां और सारंडा के घने जंगल कोहरे में लगभग ओझल हो गए थे। पेड़ों की चोटियां और घाटियों से उठती धुंध प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य का दृश्य प्रस्तुत कर रही थीं। ऐसा लग रहा था मानो प्रकृति ने खुद इस लौहांचल को अपनी गोद में समेट कर शांति और सुकून का संदेश दे दिया हो।
तापमान में गिरावट, ठंडक का सुखद एहसास
घने कोहरे और बादलों के कारण क्षेत्र के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। पिछले करीब 30 घंटों से आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे मौसम में हल्की ठंडक घुल गई है। सुबह-सुबह निकलने वाले लोगों को ठंडी हवाओं का अहसास हुआ, जिसने वातावरण को और भी सुकून भरा बना दिया।
हल्की बूंदाबांदी से बढ़ी नमी
बताया जाता है कि 7 मार्च को क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। इस बूंदाबांदी ने वातावरण में नमी बढ़ा दी, जिससे रविवार की सुबह कोहरा और भी घना नजर आया। बारिश की हल्की फुहार और बादलों की मौजूदगी ने मौसम को बेहद सुहाना बना दिया।

प्रकृति के आगोश में लौहांचल
सारंडा के इन पहाड़ी शहरों में इस तरह का मौसम प्रकृति के असली सौंदर्य को सामने ले आता है। कोहरे से ढकी सड़कें, जंगलों से उठती धुंध और ठंडी हवाओं के बीच पूरा इलाका किसी चित्रकार की बनाई सुंदर पेंटिंग जैसा प्रतीत हो रहा था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सारंडा की यह सुबह न केवल मौसम की ताजगी का एहसास कराती है, बल्कि प्रकृति और पर्यावरण के साथ जुड़ाव को भी और गहरा करती है।








