“धरती आबा के सम्मान पर हमला बर्दाश्त नहीं” — 9 जून शहीद दिवस जुलूस को लेकर हुई अहम बैठक
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू-मेघाहातुबुरू में स्थित बिरसा मुंडा स्मारक से धनुष में लगी कॉपर की रस्सी चोरी होने की घटना ने पूरे आदिवासी समाज में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। लोगों ने इसे सिर्फ चोरी नहीं, बल्कि आदिवासी अस्मिता, इतिहास और गौरव पर हमला बताया है। समाज के लोगों का कहना है कि धरती आबा बिरसा मुंडा के स्मारक से छेड़छाड़ करना आदिवासी भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली शर्मनाक हरकत है।

“असामाजिक तत्वों पर तुरंत हो कार्रवाई”
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए। लोगों का कहना है कि अगर स्मारकों की सुरक्षा नहीं होगी तो आने वाली पीढ़ियां अपने महापुरुषों के इतिहास और सम्मान से दूर होती चली जाएंगी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच गहरा रोष देखा जा रहा है।
शहीद दिवस जुलूस को लेकर हुई रणनीतिक बैठक
9 जून को मनाए जाने वाले बिरसा शहीद दिवस के अवसर पर निकलने वाले जुलूस और कार्यक्रम की तैयारी को लेकर बिरसा स्मारक समिति किरीबुरू-मेघाहातुबुरू की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के महासचिव अमर सिंह सुंडी ने की। बैठक में समाज के कई प्रमुख लोग और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि इस वर्ष बिरसा शहीद दिवस को और अधिक व्यापक रूप से मनाया जाएगा तथा समाज को एकजुट कर आदिवासी अधिकार, संस्कृति और सम्मान की रक्षा का संदेश दिया जाएगा।

“बिरसा मुंडा सिर्फ नाम नहीं, संघर्ष की पहचान हैं”
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा आदिवासी समाज की पहचान, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। ऐसे में उनके स्मारक से चोरी की घटना पूरे समाज को झकझोरने वाली है। लोगों ने कहा कि यह समय समाज को जागरूक और संगठित होने का है ताकि असामाजिक मानसिकता रखने वाले लोगों को करारा जवाब दिया जा सके।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
बैठक में रोया राम चंपिया, बिरसिंह मुंडा, बीरबल गुड़िया, सेरगेया अंगरिया, साधु राम चातर, जगन्नाथ चातर, माधव चन्द्र कोड़ा, भीमसेन मारला, शांतनु बिरुली, दामु सोय, गोपी लागुरी, प्रदीप चातर, बुधुवा कोनगाड़ी, उत्तरी पंचायत की मुखिया लिपि मुंडा, पूर्व प्रमुख जीरेन सिंकु, तुलसी चातर, सीता सोय, सरोनी चातर, मुक्ता पिंगुआ समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

“अब समाज चुप नहीं बैठेगा”
बैठक के अंत में समाज के लोगों ने एक स्वर में कहा कि बिरसा मुंडा के सम्मान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी गई। लोगों ने प्रशासन से स्मारक की सुरक्षा बढ़ाने और क्षेत्र में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।











