लोकेश्वर नाथ धाम और लेक गार्डन तालाब का पानी सड़क पार कर मिलने की स्थिति में, जाकिर हुसैन पार्क जलमग्न
टाउनशिप के कई घरों में घुसा बारिश का पानी, सेल कर्मियों और आम लोगों की बढ़ी परेशानी
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने किरीबुरू शहर की स्थिति को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार बारिश के कारण शहर के बीच स्थित श्री लोकेश्वर नाथ धाम मंदिर तालाब और लेक गार्डन तालाब लबालब भर गए हैं। दोनों तालाबों में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच जाने के बाद अब इनके बीच बनी सड़क पर भी पानी का दबाव बढ़ गया है। हालात ऐसे हैं कि दोनों तालाब कभी भी आपस में मिलने की स्थिति में पहुंच सकते हैं।

दोनों तालाबों का पानी सड़क पार करने को तैयार
श्री लोकेश्वर नाथ धाम मंदिर तालाब और लेक गार्डन तालाब के बीच बनी सड़क फिलहाल दोनों जलाशयों के पानी को अलग रखने वाली दीवार की तरह काम कर रही है। लेकिन लगातार बारिश से दोनों तालाबों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी सड़क के काफी करीब पहुंच जाने से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।
यदि बारिश इसी तरह जारी रही तो दोनों तालाबों का पानी सड़क के ऊपर से बहकर आपस में मिल सकता है, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।

जाकिर हुसैन पार्क पूरी तरह जलमग्न
दूसरी ओर जाकिर हुसैन पार्क, जहां प्रत्येक सप्ताह मंगलाहाट बाजार लगाया जाता था, वह भी लेक गार्डन तालाब का पानी बढ़ने के कारण पूरी तरह जलमग्न हो गया है। पार्क में चारों ओर पानी ही पानी नजर आ रहा है।
ऐसे में आने वाले कुछ दिनों तक यहां साप्ताहिक मंगलाहाट बाजार लगाना संभव नजर नहीं आ रहा है। बाजार के प्रभावित होने से छोटे दुकानदारों और स्थानीय व्यवसायियों के सामने भी परेशानी खड़ी हो गई है।
सीजीएम आवास के नीचे की पुलिया पर बढ़ा दबाव
दोनों तालाबों का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद पानी का पूरा दबाव सीजीएम आवास के नीचे स्थित पुलिया पर आ गया है। लगातार पानी के तेज बहाव के कारण पुलिया पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार यदि बारिश और कुछ समय तक इसी तरह जारी रही तो पुलिया के क्षतिग्रस्त अथवा टूटने का खतरा पैदा हो सकता है। पुलिया के टूटने की स्थिति में आवागमन प्रभावित होने के साथ आसपास के क्षेत्र में भी गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
टाउनशिप के घरों में घुस रहा पानी
लगातार भारी बारिश का असर केवल तालाब और पार्क तक सीमित नहीं है। किरीबुरू और मेघाहातुबुरु टाउनशिप के कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस रहा है। कई परिवारों को अपने घरों के सामान और जरूरी वस्तुओं को सुरक्षित रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
सेल कर्मियों के साथ-साथ आम लोगों का दैनिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। घरों के आसपास पानी जमा रहने के कारण लोगों को आने-जाने में भी परेशानी हो रही है।
गीले कपड़े सुखाने के लिए हीटर का सहारा
लगातार बारिश के कारण लोगों की सबसे बड़ी समस्या घरों में कपड़ों का सूखना भी बन गई है। कई दिनों से धूप नहीं निकलने के कारण कपड़े लगातार गीले रह रहे हैं। मजबूर होकर लोग गीले कपड़ों को सुखाने के लिए हीटर समेत अन्य विद्युत उपकरणों का सहारा ले रहे हैं।
लगातार नमी और सीलन के कारण घरों में रहने वाले बच्चों, बुजुर्गों और अन्य लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौसमी बीमारियों का बढ़ा प्रकोप
लगातार बारिश, जलभराव और वातावरण में बढ़ी नमी के कारण क्षेत्र में मौसमी बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ता दिखाई दे रहा है। सर्दी, खांसी, बुखार सहित अन्य मौसमी परेशानियों से लोग प्रभावित हो रहे हैं।
जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में स्थानीय लोगों ने साफ-सफाई और जलनिकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई है।

‘ऐसी बारिश पहले कभी नहीं देखी’
लगातार हो रही बारिश को लेकर किरीबुरू के स्थानीय लोग इसे असामान्य स्थिति बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने किरीबुरू में लंबे समय तक इतनी लगातार और भारी बारिश पहले कभी नहीं देखी।
बारिश के कारण शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित हो गई है और लगातार बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। अब सभी की नजर बारिश थमने और तालाबों के जलस्तर में कमी आने पर टिकी हुई है।
प्रशासन और प्रबंधन से सतर्कता की मांग
तालाबों के बढ़ते जलस्तर, पुलिया पर बढ़ते दबाव और टाउनशिप के घरों में घुस रहे पानी को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन एवं सेल प्रबंधन से तत्काल स्थिति का जायजा लेने और आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि यदि बारिश आगे भी जारी रहती है तो जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में संभावित नुकसान को रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी, जलनिकासी और सुरक्षा व्यवस्था पहले से मजबूत करना जरूरी है।








