तेज बहाव ने खोली सड़क निर्माण की पोल, ग्रामीणों की आवाजाही और हाट-बाजार पर पड़ा सीधा असर
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
बुन्डू-रोआम के बीच पुल का एप्रोच हुआ खतरनाक
कोल्हान और सारंडा जंगल क्षेत्र को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर बुन्डू और रोआम गांव के बीच कारो नदी पर बने पुल का एप्रोच सड़क इन दिनों गंभीर खतरे में है। कारो नदी में तेज पानी के बहाव की वजह से एप्रोच सड़क की लगभग आधी मिट्टी कटकर बह गई है। इससे पुल पर आवागमन लगातार जोखिम भरा होता जा रहा है और कभी भी यह मार्ग पूरी तरह बंद हो सकता है।

दर्जनों गांवों की आवाजाही प्रभावित
इस मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का सीधा असर कोल्हान के टोंटो और आराहासा प्रखंड तथा सारंडा के गंगदा पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों पर पड़ा है। दोनों जंगल क्षेत्रों के बीच लोगों का वर्षों से आवागमन इसी मार्ग से होता रहा है। एप्रोच सड़क के कट जाने से ग्रामीणों को एक-दूसरे के क्षेत्र में आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
रोआम का साप्ताहिक हाट भी प्रभावित
ग्रामीणों के अनुसार सारंडा के रोआम गांव में प्रत्येक बृहस्पतिवार को साप्ताहिक हाट-बाजार लगता है। इस हाट में कोल्हान जंगल क्षेत्र के दर्जनों गांवों से ग्रामीण अपने कृषि उत्पाद और वन उपज लेकर पहुंचते हैं। यही बाजार इन ग्रामीणों के लिए अपने उत्पाद बेचने और दैनिक जरूरतों का सामान खरीदने का प्रमुख माध्यम है।
लेकिन कारो नदी के पुल के एप्रोच सड़क के क्षतिग्रस्त होने से अब ग्रामीणों को वाहनों के जरिए रोआम हाट पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित होने लगी हैं।
‘जल्द मरम्मत नहीं हुई तो पूरी तरह कट जाएगा संपर्क’
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर एप्रोच सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं कराई गई तो तेज बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बचा हुआ हिस्सा भी कभी भी कटकर बह सकता है। ऐसी स्थिति में कोल्हान और सारंडा के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह बाधित होने की आशंका है।
कांग्रेस प्रखंड उपाध्यक्ष राजेश पुरती, कांग्रेस पंचायत अध्यक्ष रविन्द्र पुरती, समाजसेवी गाली पुरती, विजय अंगरिया, मोरन सिंह पुरती सहित अन्य ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से तत्काल स्थल का निरीक्षण कर एप्रोच सड़क को मजबूत तरीके से दुरुस्त कराने की मांग की है।
सैडल-छोटानागरा सड़क पर भी मंडरा रहा खतरा
टोंटोगड़ा के पास गार्डवाल दबा, सड़क में पड़ी बड़ी-बड़ी दरारें
इधर, सैडल से छोटानागरा जाने वाली मुख्य सड़क की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है। टोंटोगड़ा गांव के समीप सड़क किनारे बना गार्डवाल दब जाने के कारण मुख्य सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें उभर आई हैं। सड़क के नीचे की मिट्टी कमजोर होने से इसके धंसने का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

कभी भी धंस सकती है मुख्य सड़क
ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश के बीच अगर समय रहते इस स्थान की मरम्मत नहीं की गई तो सड़क का क्षतिग्रस्त हिस्सा कभी भी धंस या टूट सकता है। ऐसा हुआ तो सैडल से छोटानागरा के बीच आवागमन पूरी तरह प्रभावित होने के साथ सारंडा के कई गांवों का संपर्क भी बाधित हो सकता है।
दो महत्वपूर्ण मार्ग, एक ही खतरा—लापरवाही भारी न पड़े
एक ओर कारो नदी पर बुन्डू-रोआम पुल का एप्रोच सड़क तेज बहाव में लगातार कट रहा है, तो दूसरी ओर टोंटोगड़ा के समीप मुख्य सड़क में दरारें बढ़ती जा रही हैं। दोनों स्थानों की स्थिति यह संकेत दे रही है कि समय रहते ठोस मरम्मत और सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में ग्रामीणों को बड़ी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित पथ निर्माण विभाग से दोनों स्थानों का तत्काल निरीक्षण कर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि कोल्हान और सारंडा के बीच महत्वपूर्ण सड़क संपर्क पूरी तरह टूटने से बचाया जा सके।













