भाषा-संस्कृति की रक्षा, नशापान व अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता और सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने की ग्रामीणों को उम्मीद
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
किरीबुरू। सारंडा के वन ग्राम तिरिलपोसी में ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से गोमाय गुड़िया, पिता बुधराम गुड़िया को नया मुंडा चयनित किया है। ग्रामसभा की बैठक में लिए गए इस निर्णय से गांव में पारंपरिक नेतृत्व को नई दिशा देने और सामूहिक भागीदारी के माध्यम से विकास को गति देने की उम्मीद जगी है।
गांव की परंपरा, सामाजिक व्यवस्था और ग्रामीणों की आपसी सहमति को ध्यान में रखते हुए हुए इस चयन के बाद अब निगाहें नए मुंडा की भूमिका पर टिकी हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में गांव की बुनियादी समस्याओं के समाधान के साथ भाषा-संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन की दिशा में ठोस पहल होगी।

ग्रामसभा का फैसला, प्रशासनिक मान्यता के लिए पहल
तिरिलपोसी गांव पंचायत दिघा, प्रखंड मनोहरपुर और जिला पश्चिमी सिंहभूम के अंतर्गत आता है। ग्रामसभा के प्रस्ताव के आधार पर उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा को आवेदन देकर गोमाय गुड़िया के चयन से अवगत कराया गया है। साथ ही आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई और मान्यता प्रदान करने का अनुरोध किया गया है।
विकास के मुद्दों को धरातल पर उतारने की चुनौती
नए मुंडा के सामने गांव की जरूरतों को प्राथमिकता के साथ उठाने और प्रशासन से बेहतर समन्वय स्थापित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्रामीणों की समस्याओं को संबंधित विभागों तक पहुंचाना तथा पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग करना प्रमुख कार्य हो सकते हैं।
ग्रामसभा की सक्रियता और ग्रामीणों की एकजुटता इस दिशा में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
भाषा-संस्कृति की रक्षा से मजबूत होगी आदिवासी पहचान
सारंडा की पहचान उसकी प्राकृतिक विरासत के साथ आदिवासी समाज की भाषा, संस्कृति, रीति-रिवाज और पारंपरिक जीवनशैली से भी जुड़ी है। ऐसे में नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
ग्रामीणों की सहभागिता से पारंपरिक पर्व-त्योहारों, सांस्कृतिक आयोजनों और सामुदायिक बैठकों को प्रोत्साहित कर इस विरासत को संरक्षित किया जा सकता है।
नशापान और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी
गांव के सामाजिक विकास के लिए नशापान, अंधविश्वास और अन्य सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। ग्रामसभा, महिला समूहों और युवाओं की भागीदारी से जागरूकता अभियान चलाकर परिवारों को नशे के दुष्परिणामों, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के प्रति जागरूक किया जा सकता है।
साथ ही, बीमारी की स्थिति में झाड़-फूंक पर निर्भर रहने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सहायता लेने के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है।

सर्वसम्मति से मिला नेतृत्व, अब परिणामों पर रहेंगी निगाहें
गोमाय गुड़िया का सर्वसम्मति से चयन ग्रामीणों के सामूहिक विश्वास को दर्शाता है। अब इस विश्वास को गांव के विकास, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक संरक्षण के ठोस प्रयासों में बदलना महत्वपूर्ण होगा।
तिरिलपोसी के ग्रामीणों की उम्मीद स्पष्ट है—नया नेतृत्व गांव की समस्याओं को आवाज दे, सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचे और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ बदलाव की पहल मजबूत हो। प्रशासनिक मान्यता की प्रक्रिया और आने वाले समय में किए जाने वाले कार्य यह तय करेंगे कि यह पहल गांव के सर्वांगीण विकास में कितनी प्रभावी साबित होती है।











