100 से अधिक कर्मचारियों की भागीदारी, सुरक्षा और संवाद पर रहा विशेष जोर
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सेल के किरीबुरू स्थित लर्निंग एंड डेवलपमेंट सेंटर (L&DC) में 14वीं कम्युनिकेशन एक्सरसाइज “संपर्क” का सफल आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में KIOM, MIOM, GOM और MOM के 100 से अधिक कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में कई वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें
* सीजीएम (माइंस) पी. एम. शिरपुरकर,
* सीजीएम (एचआर) डी. मिश्रा,
* सीजीएम (मेंटेनेंस) एस. एस. शाह,
* तथा एमआईओएम के हेड ऑफ माइंस एस. के. सिंह शामिल थे।
इन सभी अधिकारियों ने कार्यक्रम को दिशा देने के साथ-साथ कर्मचारियों को प्रेरित भी किया।

स्वागत भाषण से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डीजीएम (एचआर-एलएंडडी) रथिन विश्वास के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने ‘संपर्क’ जैसे प्लेटफॉर्म की आवश्यकता और इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

सुरक्षा पर विशेष फोकस
इसके बाद एएम (सेफ्टी) हर्षवर्धन सिंह गौतम द्वारा एक विस्तृत सुरक्षा प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों के पालन और जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षा विषयक इस सत्र ने कर्मचारियों को संभावित जोखिमों से सतर्क रहने और सुरक्षित कार्य संस्कृति अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कंपनी प्रदर्शन और भविष्य की रणनीति पर प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान एलएंडडी, किरीबुरू के जूनियर इंजीनियरिंग एसोसिएट राकेश गिरी ने कंपनी के वर्तमान प्रदर्शन और भविष्य के लक्ष्यों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
इस प्रस्तुति में उत्पादन, कार्य दक्षता और आगामी योजनाओं को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण रखा गया।

संवाद और सहभागिता पर जोर
सीजीएम (एचआर) डी. मिश्रा ने अपने संबोधन में संगठनात्मक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रकार के कम्युनिकेशन एक्सरसाइज संगठन में बेहतर तालमेल और पारदर्शिता स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वहीं, सीजीएम (मेंटेनेंस) एस. एस. शाह ने ‘संपर्क’ जैसे मंचों को कर्मचारी सहभागिता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बताया।
एमआईओएम के हेड ऑफ माइंस एस. के. सिंह ने इस कार्यक्रम से सकारात्मक और दो-तरफा संवाद को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई।
सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की पहल
कार्यक्रम का समापन करते हुए सीजीएम (माइंस) पी. एम. शिरपुरकर ने इस पहल की सराहना की और कहा कि ‘संपर्क’ जैसे कार्यक्रम संगठन में प्रभावी संवाद के साथ-साथ मजबूत सुरक्षा संस्कृति विकसित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन
कार्यक्रम के अंत में एजीएम (एचआर-एलएंडडी) सी. के. बिस्वाल ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया और सभी प्रतिभागियों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

संपर्क: संवाद, सुरक्षा और लक्ष्य का संगम
‘संपर्क’ पहल लगातार कर्मचारियों और प्रबंधन के बीच संवाद को मजबूत करने, सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और संगठनात्मक लक्ष्यों के प्रति एकजुटता स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बनती जा रही है।
इस कार्यक्रम ने एक बार फिर यह साबित किया कि बेहतर संवाद ही मजबूत संगठन की नींव है।














