रिपोर्ट: शैलेश सिंह
चाईबासा। पश्चिमी सिंहभूम जिला समाहरणालय स्थित सभागार में जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री चंदन कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में चल रहे अवैध खनन और खनिज परिवहन पर सख्ती से अंकुश लगाने को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर उपायुक्त श्री प्रवीण केरकेट्टा, पोड़ाहाट-चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी सुश्री श्रुति राजलक्ष्मी, सदर चाईबासा अनुमंडल पदाधिकारी श्री संदीप अनुराग टोपनो, जगन्नाथपुर अनुमंडल पदाधिकारी श्री महेंद्र छोटन उरांव, सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्री बहामन टुटी, जिला खनन पदाधिकारी श्री मेघवाल टुडू, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री गौतम कुमार सहित जिले के सभी अंचल अधिकारी उपस्थित रहे।
204 वाहन जब्त, 125 प्राथमिकी दर्ज
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान अवैध खनन एवं खनिज परिवहन के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। इस दौरान:
* 204 वाहनों को जब्त किया गया
* ₹38.41 लाख की वसूली की गई
* 125 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई
इन आंकड़ों को देखते हुए उपायुक्त ने अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया।
अब थाना प्रभारी भी होंगे जवाबदेह
उपायुक्त श्री चंदन कुमार ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देश दिया कि अगली जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक में खनन प्रभावित क्षेत्रों के सभी थाना प्रभारी और ओपी प्रभारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन के मामलों में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए जमीनी स्तर पर जवाबदेही तय की जाएगी।
सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई के निर्देश
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि किसी भी माध्यम से अवैध खनन या परिवहन की सूचना मिलने पर संबंधित अधिकारी तुरंत संज्ञान लें।
साथ ही कार्रवाई के बाद विस्तृत प्रतिवेदन जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
लीज समाप्त खनन क्षेत्रों पर विशेष नजर
उपायुक्त ने विशेष रूप से उन खनन पट्टा क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का निर्देश दिया जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है। इसके तहत:
* संबंधित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया जाएगा
* स्वीकृत खनन क्षेत्र और वास्तविक खनन रकवा का मिलान किया जाएगा
* वर्तमान भौगोलिक स्थिति का आकलन किया जाएगा
साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि न हो।
जिलास्तरीय निगरानी होगी और कड़ी
बैठक के अंत में उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और परिवहन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जिला और क्षेत्रीय स्तर पर निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जाएगा तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन का संदेश साफ – अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस
जिला प्रशासन के इस सख्त रुख से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि आने वाले समय में पश्चिमी सिंहभूम में अवैध खनन के खिलाफ और बड़े स्तर पर कार्रवाई देखने को मिल सकती है।












