बुनियादी सुविधाओं के लिए ग्राम सभा, सांसद को सौंपा मांग पत्र
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सारंडा के अत्यंत नक्सल प्रभावित क्षेत्र बालिबा में वर्षों से उपेक्षित बुनियादी सुविधाओं को लेकर ग्रामीण अब खुलकर सामने आ रहे हैं। दिनांक 26 अप्रैल (रविवार) को गांव में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं को एकजुट होकर उठाया और समाधान के लिए ठोस पहल का निर्णय लिया।

ग्राम सभा में उठी विकास की मांग
मुंडा विनोद होनहागा की अध्यक्षता में हुई बैठक
ग्राम सभा का आयोजन गांव के मुण्डा विनोद होनहागा की अध्यक्षता में किया गया, जिसमें वार्ड सदस्य दयामणि गुड़िया समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक में गांव की मूलभूत समस्याओं—सड़क, पानी, स्वास्थ्य और आवास—पर विस्तार से चर्चा हुई।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि दशकों से उपेक्षा का दंश झेल रहे बालिबा को अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी विकास चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने सांसद से की मुलाकात
चक्रधरपुर पहुंचकर सौंपा मांग पत्र
ग्राम सभा के बाद मुंडा विनोद होनहागा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल चक्रधरपुर पहुंचा, जहां उन्होंने सांसद जोबा मांझी से मुलाकात कर गांव की समस्याओं से अवगत कराया।
प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से बिनराय गुड़िया, सुलेमान टोपनो, सूरज होनहागा, साहू गुड़िया सहित अन्य ग्रामीण शामिल थे। सभी ने एक स्वर में गांव के विकास के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा बालिबा
ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव के अनुसार ग्रामीणों ने निम्नलिखित मांगें रखीं—
1️⃣ सड़क निर्माण की मांग
बालिबा चौक से बालिबा गांव तक लगभग 7 किलोमीटर लंबी सड़क आज भी कच्ची है। बारिश के मौसम में यह रास्ता पूरी तरह बाधित हो जाता है। ग्रामीणों ने इस मार्ग का कालीकरण (पक्की सड़क) कराने की मांग की।
2️⃣ पेयजल संकट से मुक्ति
गांव के तीन प्रमुख टोले—
* बंगला टोला
* मुंडा टोला
* बरजो टोला
में पेयजल की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रत्येक टोले में जलमीनार (वाटर टॉवर) निर्माण की मांग की है।
3️⃣ स्वास्थ्य सुविधा का अभाव
बालिबा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में उप-स्वास्थ्य केन्द्र का अभाव ग्रामीणों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। छोटी-छोटी बीमारियों के लिए भी लोगों को दूर-दराज जाना पड़ता है। ग्राम सभा में तत्काल स्वास्थ्य केंद्र निर्माण की मांग उठाई गई।
4️⃣ आवास योजना का लाभ
ग्रामीणों ने मांग की कि बालिबा के पात्र परिवारों को अबुआ आवास योजना के तहत घर उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें।
नक्सल क्षेत्र में विकास की चुनौती
बुनियादी सुविधाओं के अभाव से बढ़ती है परेशानी
बालिबा जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार लंबे समय से चिंता का विषय रही है। सड़क, पानी और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी न केवल ग्रामीणों के जीवन को प्रभावित करती है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास में भी बाधा बनती है।














