वट वृक्ष की पूजा कर पति की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की मांगी दुआ
रिपोर्ट: शैलेश सिंह/संदीप गुप्ता
किरीबुरू, गुवा, बड़ाजामदा समेत आसपास के तमाम क्षेत्रों में शनिवार को सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ श्रद्धा एवं आस्था पूर्वक बट सावित्री व्रत मनाया। सुबह से ही मंदिरों और वट वृक्षों के आसपास पूजा-अर्चना को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

सुबह लगभग छह बजे से ही गुवा बाजार स्थित शिव मंदिर, योग नगर शिव मंदिर, किरीबुरू ड्यूटी रूम परिसर, चर्च रोड स्थित वट वृक्ष समेत विभिन्न धार्मिक स्थलों और घरों में महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ पूजा की। महिलाओं ने निर्जला व्रत रखकर अपने पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली की कामना की।
पूजा स्थलों पर पुजारियों द्वारा विधिवत बट सावित्री व्रत की पूजा कराई गई। इस दौरान महिलाओं को सावित्री और सत्यवान की पौराणिक कथा सुनाई गई। कथा के माध्यम से बताया गया कि किस प्रकार सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प, पतिव्रता धर्म और अटूट श्रद्धा से यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे।

वट वृक्ष की परिक्रमा कर बांधा रक्षा सूत्र
व्रत के दौरान महिलाओं ने बरगद यानी वट वृक्ष की विशेष पूजा की। महिलाओं ने वट वृक्ष के चारों ओर परिक्रमा कर सूत का धागा बांधा और अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजा के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा। महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में पूजा कर धार्मिक आस्था का परिचय दिया।

क्षेत्र में दिखा श्रद्धा और भक्ति का माहौल
पूरे क्षेत्र में बट सावित्री व्रत को लेकर श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा। मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ी रही। कई स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा कर एक-दूसरे को व्रत की शुभकामनाएं भी दीं। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह व्रत वैवाहिक जीवन में सुख, समृद्धि और पति की दीर्घायु का प्रतीक माना जाता है।














