अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सामुदायिक भवन में जुटे अधिकारी, कर्मचारी और महिलाएं; योग के जरिए तन-मन को संतुलित रखने का लिया संकल्प
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
Steel Authority of India Limited की मेघाहातुबुरु खदान प्रबंधन के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर 21 जून को सामुदायिक भवन, Meghahatuburu में भव्य योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सेल कर्मियों, महिला समिति की सदस्याओं एवं स्थानीय लोगों ने भाग लेकर योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

योग शिविर में उमड़ा उत्साह, स्वास्थ्य के प्रति दिखी जागरूकता
सुबह से ही सामुदायिक भवन में योगाभ्यास के लिए लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाप्रबंधक प्रभारी संजय कुमार सिंह एवं महिला समिति की अध्यक्षा रंजिता सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में योगेश प्रसाद राम, नवीन कुमार सोनकुशरे, के. बी. थापा, मनोज कुमार, कल्याण माझी, प्रमोद कुमार, डॉ. मनोज कुमार, रोहित टोप्पो, मोहम्मद अफजल सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के प्रशिक्षकों ने कराया योगाभ्यास
योग शिविर में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के प्रशिक्षित योग प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को योग के विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। इसमें ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान योग शामिल रहे।
प्रशिक्षकों ने बताया कि:
* ताड़ासन शरीर के संतुलन और ऊंचाई विकास में सहायक है।
* वृक्षासन मानसिक एकाग्रता को बढ़ाता है।
* भुजंगासन रीढ़ की हड्डियों को मजबूत करता है।
* वज्रासन पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है।
* अनुलोम-विलोम श्वसन तंत्र को मजबूत करता है।
* कपालभाति तनाव, चिंता और मानसिक थकान को दूर करने में अत्यंत लाभकारी है।

“योग सिर्फ व्यायाम नहीं, जीवन को संतुलित रखने की शक्ति है” – संजय कुमार सिंह
अपने संबोधन में महाप्रबंधक प्रभारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि बढ़ते तनाव, अनियमित खानपान और भागदौड़ भरी जिंदगी में योग ही एक ऐसा माध्यम है जो व्यक्ति को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकता है।
उन्होंने कहा,
“योग केवल शरीर को लचीला बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि यह हमारे मन, विचार और आत्मा को अनुशासित करने की कला है। यदि हम प्रतिदिन कुछ समय योग को दें, तो न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि अपने जीवन को अधिक सकारात्मक और संतुलित बना सकते हैं।”
उन्होंने सेल कर्मियों, महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बनाएं।

महिला समिति की सक्रिय भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र
महिला समिति की अध्यक्षा रंजिता सिंह के नेतृत्व में समिति की महिलाओं ने योग शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि योग महिलाओं के स्वास्थ्य, मानसिक शांति और आत्मविश्वास को मजबूत करने का सबसे सशक्त माध्यम है। इस दौरान सुषमा योगेश राम, सुनीता थापा, रंजना कुमारी, नीलम वर्मा आदि महिलाएं भी योगाभ्यास किया।

स्वस्थ समाज की ओर एक सकारात्मक पहल
कार्यक्रम में अफताब आलम, गुंजन कुमार, बीरबल गुड़िया, वीर सिंह मुंडा, निरंजन कुमार, आर. के. सिंकू, भोला दास, जगन्नाथ चातर, कामता प्रसाद और चंदन सिंह सहित दर्जनों सेल कर्मियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को सफल बनाया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह शिविर केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली की ओर एक मजबूत संदेश बनकर उभरा। मेघाहातुबुरु की इस पहल ने यह साबित किया कि योग अपनाकर ही स्वस्थ, सशक्त और जागरूक समाज की नींव रखी जा सकती है।














