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सारंडा में झामुमो का ‘महाविस्फोट’: आजसू, भाजपा, कांग्रेस के किले में सेंध, संघर्ष के सौ सूरमा हेमंत-दीपक के साथ

On: June 21, 2026 3:30 PM
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कोल्हान की सियासत में मचा भूचाल, जनआंदोलन के बड़े चेहरे झामुमो में शामिल; मंत्री दीपक बिरुवा बने सारंडा की नई राजनीतिक धुरी

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

सारंडा की सियासत में रविवार को ऐसा राजनीतिक धमाका हुआ जिसने कोल्हान की सत्ता समीकरणों को झकझोर कर रख दिया। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने एक ही झटके में आजसू, भाजपा, कांग्रेस में बड़ी सेंध लगाकर यह संदेश दे दिया कि जंगल की राजनीति अब पूरी तरह बदलने वाली है।
पश्चिम सिंहभूम जिला कमेटी अध्यक्ष सोनाराम देवगम और राज्य के तेजतर्रार मंत्री Deepak Birua की मौजूदगी में सारंडा के विभिन्न गांवों से जुड़े लगभग 100 संघर्षशील, प्रभावशाली और जनआंदोलन के मजबूत चेहरों ने झामुमो का दामन थाम लिया। यह सिर्फ पार्टी में शामिल होने की घटना नहीं, बल्कि सारंडा की जनता का सत्ता और संघर्ष के बीच खुला राजनीतिक फैसला माना जा रहा है। इस दौरान मंत्री दीपक बिरुवा, जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम, जिला सचिव राहुल आदित्य, जिला कोषाध्यक्ष सह केंद्रीय सदस्य सुभाष बनर्जी, जिला उपाध्यक्ष इकबाल अहमद, संयुक्त सचिव विश्वनाथ बाड़ा, संगठन सचिव बृंदावन गोप, छात्र मोर्चा जिलाध्यक्ष सनातन पिंगुवा, जिला सचिव अनुज पूर्ति आदि मौजूद थे।

भाजपा, कांग्रेस, आजसू को गहरा झटका, झामुमो की झोली में जनशक्ति

गंगदा पंचायत के मुखिया सह आजसू नेता सुखराम उर्फ राजू सांडिल का झामुमो में आना राजनीतिक हलकों में बड़ी हलचल का कारण बन गया है। उनके साथ पंचायत समिति सदस्य रामेश्वर चांपिया, नीरज चौबे, रोवाम गांव के मुंडा बुधराम सिद्धू, जामकुंडिया के मुंडा कुशो देवगम, समाजसेवी जगदीश कोड़ा, राजू गोप, सुमित दास समेत कई बड़े सामाजिक चेहरे पार्टी में शामिल हुए।
यह वही लोग हैं जिनकी पकड़ सिर्फ वोट तक सीमित नहीं बल्कि जनसंघर्ष की जमीन तक फैली हुई है।

 

दीपक बिरुवा की बढ़ती ताकत, सारंडा में विपक्ष बैकफुट पर

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा अगर किसी की राजनीतिक ताकत बढ़ी है तो वह हैं झामुमो और मंत्री दीपक बिरुवा। जिस तरह उन्होंने गांव-गांव जाकर लोगों का भरोसा जीता है, उसका नतीजा अब खुलकर सामने आ रहा है।
दीपक बिरुवा और जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम ने सभी नए सदस्यों को माला पहनाकर संगठन में शामिल कराया और साफ कहा—
“झामुमो सिर्फ राजनीति नहीं, हक और अधिकार की लड़ाई का मंच है। सारंडा की हर समस्या अब हमारी जिम्मेदारी है।”
सारंडा में दीपक बिरुवा की यह सक्रियता अब उन्हें कोल्हान के सबसे मजबूत जननेताओं में खड़ा कर रही है।

हेमंत सोरेन की नीति पर जनता की मुहर

इस भारी ज्वाइनिंग ने यह भी साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री Hemant Soren की जनकल्याणकारी नीतियां जंगल और गांवों तक असर छोड़ रही हैं।
ग्रामीणों ने साफ कहा कि झामुमो सिर्फ सत्ता की पार्टी नहीं, बल्कि झारखंड की आत्मा है।
मुखिया सुखराम उर्फ राजू सांडिल ने कहा—
“दिसुम गुरु Shibu Soren ने संघर्ष की जो मशाल जलाई थी, उसे हेमंत सोरेन और दीपक बिरुवा आगे बढ़ा रहे हैं। झामुमो में जाति और धर्म का भेद नहीं, यहां सिर्फ हक की लड़ाई है।”

संघर्ष की जमीन से निकले योद्धा अब झामुमो के सिपाही

झामुमो में शामिल होने वाले अधिकांश लोग वही हैं जिन्होंने वर्षों तक सारंडा में पानी, बिजली, सड़क, रोजगार और विस्थापन जैसे मुद्दों पर प्रशासन और खदान प्रबंधन के खिलाफ निर्णायक लड़ाइयां लड़ी हैं।
इन्होंने सड़क जाम किया, खदान बंद कराया, धरना दिया और जरूरत पड़ी तो अनिश्चितकालीन आंदोलन भी किया।
यानी झामुमो को सिर्फ संख्या नहीं मिली, बल्कि आंदोलन की असली ताकत मिली है।

जगन्नाथपुर-मनोहरपुर में बदलेगा चुनावी गणित

राजनीतिक पंडितों का मानना है कि इस ज्वाइनिंग का सीधा असर जगन्नाथपुर और मनोहरपुर विधानसभा में देखने को मिलेगा।
क्योंकि जो चेहरे झामुमो में आए हैं, वे गांवों के फैसले तय करने वाले चेहरे माने जाते हैं।
यह आने वाले चुनाव में विपक्ष के लिए खतरे की घंटी है।

सोनाराम देवगम का ऐलान— यह तो सिर्फ शुरुआत है

जिलाध्यक्ष सोनाराम देवगम ने कहा कि सारंडा में झामुमो का जनाधार तेजी से बढ़ रहा है और यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा।
उन्होंने कहा—
“जो लोग जनता के बीच संघर्ष करते हैं, उनका असली घर झामुमो ही है। आने वाले दिनों में और बड़े चेहरे संगठन में शामिल होंगे।”

सारंडा से उठी लहर, कोल्हान में बनेगा तूफान

इस कार्यक्रम में सारंडा पीड़ के मानकी लागुड़ा देवगम की मौजूदगी ने सामाजिक रूप से भी बड़ा संदेश दिया।
यह साफ संकेत है कि अब पारंपरिक आदिवासी नेतृत्व और जनआंदोलन की ताकत एक मंच पर आ रही है।
सारंडा के जंगलों से उठी यह राजनीतिक लहर अब कोल्हान की पूरी राजनीति में तूफान खड़ा कर सकती है।
झामुमो ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि झारखंड की राजनीति में अगर कोई पार्टी जमीन, जंगल और जनता की असली भाषा समझती है, तो वह झामुमो है। और अब जब संघर्ष के सूरमा हेमंत-दीपक के साथ खड़े हैं, तो विपक्ष के लिए आने वाले दिन आसान नहीं दिख रहे।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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