हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जताई आस्था, संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प
रिपोर्ट शैलेश सिंह
कई दलों के पदाधिकारी और समर्थकों के भी झामुमो में शामिल होने का दावा
पश्चिमी सिंहभूम की राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। साननंदा निवासी मंजीत कोड़ा और झारखंड आंदोलनकारी नवाज हुसैन उर्फ बिरसा ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) में पुनः सदस्यता ग्रहण करने के लिए पार्टी के पश्चिमी सिंहभूम जिला अध्यक्ष को आवेदन सौंपा है। दोनों नेताओं ने इसे अपनी “घर वापसी” बताते हुए पार्टी की विचारधारा और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है।

पहले भी निभा चुके हैं संगठनात्मक जिम्मेदारी
आवेदन में मंजीत कोड़ा ने उल्लेख किया है कि वर्ष 2009 से 2012 के दौरान वे झामुमो में प्रखंड सह सचिव तथा झारखंड युवा मोर्चा के सचिव के रूप में संगठन की जिम्मेदारी निभा चुके हैं।
वहीं नवाज हुसैन ने भी बताया कि वे पूर्व में झामुमो के सक्रिय सदस्य रहने के साथ-साथ कांग्रेस अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष और कांग्रेस जिला प्रधान महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी कार्य कर चुके हैं।
हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जताया विश्वास
दोनों नेताओं ने अपने आवेदन में कहा है कि वे झामुमो की नीतियों, सिद्धांतों और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं। उन्होंने संगठन से पुनः जुड़कर पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की है।
अनुशासन और संगठन हित में काम करने का भरोसा
मंजीत कोड़ा ने आवेदन में आश्वासन दिया है कि यदि उन्हें पुनः पार्टी में शामिल होने का अवसर मिलता है तो वे पार्टी के संविधान, अनुशासन और संगठनात्मक निर्देशों का पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से पालन करेंगे तथा संगठन के हित में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
विभिन्न राजनीतिक दलों में रहा अनुभव
आवेदन में मंजीत कोड़ा ने अपने राजनीतिक अनुभव का भी उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि वे भाजपा युवा मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष, भाजपा एसटी मोर्चा के जिला अध्यक्ष तथा आदिवासी हो समाज युवा महासभा के अनुमंडल अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
कई नेताओं के साथ शामिल होने का दावा
मंजीत कोड़ा ने दावा किया है कि उनके साथ जेकेएलएम के प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र सिंकु, जगन्नाथपुर विधानसभा चुनाव अभिकर्ता मनोज बोबोंगा, भारत आदिवासी पार्टी के जिला मीडिया प्रभारी मनोज तुबीद, भाजपा के भीमो तिरिया, झारखंड आंदोलनकारी कृष्णा सिंकु, सुखराम पुरती, ललित बोबोंगा, बीरेंद्र बालमुचू सहित कई अन्य लोग भी झामुमो की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
जिला अध्यक्ष के निर्णय पर टिकी निगाहें
अब इस आवेदन पर झामुमो जिला नेतृत्व क्या निर्णय लेता है, इस पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हैं। यदि इन नेताओं की पार्टी में वापसी होती है तो पश्चिमी सिंहभूम की स्थानीय राजनीति और संगठनात्मक समीकरणों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।











