मांगों को लेकर आंदोलन पर डटे ग्रामीण, देशभक्ति नारों के बीच दिया एकजुटता का संदेश
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा। सेल की गुवा खदान अंतर्गत रांजाबुरु खदान में स्थानीय रोजगार समेत पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू कराने और अन्य मांगों को लेकर 10 अगस्त से शुरू हुआ अनिश्चितकालीन आंदोलन स्वतंत्रता दिवस के दिन 15 अगस्त को छठे दिन भी जारी रहा। सारंडा विकास समिति, जामकुंडिया-दुईया के बैनर तले मानकी लागुड़ा देवगम, गंगदा पंचायत के मुखिया राजू सांडिल, झामुमो नेता बृंदावन गोप तथा विभिन्न गांवों के मुंडाओं के नेतृत्व में ग्रामीण और बेरोजगार युवा आंदोलन स्थल पर डटे रहे।

तिरंगा फहराकर मनाया स्वतंत्रता दिवस
आंदोलन के छठे दिन स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थल पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया। इसके बाद ग्रामीणों ने देशभक्ति के नारे लगाते हुए स्वतंत्रता दिवस मनाया। आंदोलन के बीच तिरंगा फहराकर ग्रामीणों ने एक ओर देश के प्रति सम्मान और देशभक्ति का संदेश दिया, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर ग्रामीण एकता की आवाज भी बुलंद की।
आंदोलनकारियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उनके लिए देश के स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के त्याग को याद करने का दिन है। इसी भावना के साथ वे अपने जल, जंगल, जमीन और रोजगार के अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष कर रहे हैं।
‘मांगें पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी’
ग्रामीणों ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि पूर्व में हुए लिखित समझौते को पूरी तरह लागू किए बिना आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में खदान प्रभावित 18 गांवों के युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, 75 प्रतिशत स्थानीय रोजगार, रैक लोडिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग में स्थानीय लोगों की भागीदारी तथा प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति पर ठोस कार्रवाई शामिल है।
मुखिया राजू सांडिल ने पूर्व में कहा था कि सेल के एक अधिकारी ने फोन पर वार्ता के लिए संपर्क किया है, लेकिन लिखित समझौते को लागू करने के मामले में अभी तक स्पष्ट आश्वासन नहीं दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा।
चेक डैम टूटने के मामले में NGT जाने की तैयारी
आंदोलन के दौरान 13 अगस्त को गुवा खदान क्षेत्र में टूटे चेक डैम से कथित पर्यावरणीय नुकसान का मुद्दा भी लगातार उठाया जा रहा है। राजू सांडिल ने कहा है कि इस मामले में GPS आधारित फोटो और वीडियोग्राफी के माध्यम से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा विशेषज्ञ टीम की मदद से प्रभावित क्षेत्रों का दस्तावेजीकरण कराया जा रहा है।
उनके अनुसार, सारंडा जंगल, प्राकृतिक नदी-नालों और ग्रामीणों की कृषि भूमि को हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर स्वतंत्र एजेंसी के सहयोग से राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के समक्ष मामला रखने की तैयारी है।
छठे दिन भी शांतिपूर्ण रहा आंदोलन
स्वतंत्रता दिवस के दिन आंदोलनकारियों ने तिरंगा फहराने और देशभक्ति नारों के साथ अपना आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा। ग्रामीणों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि स्थानीय रोजगार, जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा और पूर्व में किए गए समझौते के सम्मान के लिए है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस एवं लिखित कार्रवाई नहीं होती, तब तक रांजाबुरु खदान क्षेत्र में उनका आंदोलन इसी प्रकार जारी रहेगा।






















