पुल डूबा तो छह घंटे थम गई जिंदगी, सड़क पर लगी वाहनों की लंबी कतार — कांवड़िये भी घंटों फंसे
बोलेरो और स्कॉर्पियो तेज बहाव में फंसकर बहते-बहते बचे, कई मोटरसाइकिलें भी पानी में फंसीं
फुटबॉल मैदान, मिडिल स्कूल क्षेत्र समेत कई घर-दुकानें जलमग्न, लाखों की संपत्ति को नुकसान
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
बड़ाजामदा। 23 अगस्त की शाम कुछ घंटों तक हुई मूसलाधार बारिश ने बड़ाजामदा शहर की जल निकासी व्यवस्था की ऐसी पोल खोली कि देखते ही देखते आधा शहर पानी में डूब गया। बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य मार्ग पर भट्ठीसाई पेट्रोल पंप के समीप स्थित पुल के ऊपर से तेज रफ्तार में पानी बहने लगा। देखते ही देखते पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब छह घंटे तक इस मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित रहा।

पुल बना मौत का खतरा
पुल के ऊपर तेज बहाव के बावजूद कुछ वाहन चालकों ने जोखिम उठाकर पानी पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान एक बोलेरो और एक स्कॉर्पियो पानी के तेज बहाव में फंस गईं। दोनों वाहन बहते-बहते बचीं। बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने धक्का देकर किसी तरह दोनों वाहनों को सुरक्षित किनारे पहुंचाया। इस दौरान कई मोटरसाइकिलें भी पानी के बीच फंस गईं।

कांवड़िये भी घंटों फंसे
मुर्गा महादेव में जल अर्पित करने जा रहे कांवड़ियों को भी इस जलभराव का खामियाजा भुगतना पड़ा। पुल डूब जाने के कारण कांवड़ियों समेत बड़ी संख्या में लोग घंटों सड़क पर फंसे रहे। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर पानी कम होने का इंतजार करें या किसी दूसरे रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुंचें।
थाना प्रभारी ने संभाली कमान
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बड़ाजामदा थाना प्रभारी बालेश्वर उरांव पुलिस टीम के साथ घंटों पुल के एक छोर पर मौजूद रहे। पुलिसकर्मियों ने तेज बहाव के बीच पुल पार करने की कोशिश कर रहे वाहन चालकों को रोकते हुए लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया।
समाजसेवी संजय शारदा भी फंसे
बड़ाजामदा के प्रतिष्ठित समाजसेवी सह युवा उद्योगपति संजय कुमार शारदा भी जलभराव के कारण पुल के पास फंस गए। काफी देर इंतजार करने के बाद उन्होंने रास्ता बदलकर मोटरसाइकिल से अपने घर की ओर जाने का निर्णय लिया।

फुटबॉल मैदान और स्कूल परिसर बना तालाब
भारी बारिश का सबसे भयावह असर बड़ाजामदा के फुटबॉल मैदान और मिडिल स्कूल क्षेत्र में देखने को मिला। पूरा इलाका पानी से भर गया। आसपास के कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया, जिससे लोगों की संपत्ति को लाखों रुपये का नुकसान होने की बात सामने आई है।

हर साल डूबता है बड़ाजामदा
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में बड़ाजामदा की यह तस्वीर कोई नई नहीं है। हर वर्ष तेज बारिश के बाद शहर का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो जाता है। सवाल यह है कि वर्षों से सामने आ रही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा?
चौड़ा नाला बना कब्जे का शिकार
स्थानीय लोगों के अनुसार वर्षों पहले बारिश के पानी की निकासी के लिए बड़ाजामदा में एक चौड़ा और गहरा नाला हुआ करता था, जो शहर के पानी को तेजी से बाहर निकालने में सक्षम था। लेकिन धीरे-धीरे नाले की जमीन को भरकर उस पर घर, गैरेज और अन्य निर्माण किए जाने लगे। इसके कारण नाला लगातार संकरा होता चला गया।
लौह चूर्ण और कचरे ने बिगाड़ी हालत
बची-खुची जल निकासी व्यवस्था भी लौह चूर्ण, मिट्टी, कचरे और अन्य गंदगी से बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। नाले की सफाई और गहराई नहीं होने के कारण तेज बारिश में पानी का बहाव रुक जाता है। नतीजा यह होता है कि पानी निकासी के बजाय शहर की सड़कों पर जमा होने लगता है और देखते ही देखते बड़ाजामदा शहर नदी का रूप ले लेता है।
प्रशासनिक वाहनों के गुजरने के कुछ देर बाद बिगड़ी स्थिति
स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश और जलभराव की भयावह स्थिति बनने से कुछ समय पहले ही एडीसी, एसडीओ और बीडीओ के वाहन इसी मार्ग से गुजर चुके थे। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन कुछ देर बाद यहां से गुजरते तो उन्हें भी बड़ाजामदा की वास्तविक जल निकासी व्यवस्था और जलभराव की भयावह स्थिति का प्रत्यक्ष सामना करना पड़ता।

स्थायी समाधान की मांग
बार-बार जलमग्न हो रहे बड़ाजामदा को लेकर अब स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के समय सड़क और पुल डूबने के बाद प्रशासनिक स्तर पर समस्या दिखाई देती है, लेकिन बारिश खत्म होते ही स्थायी समाधान की पहल ठंडे बस्ते में चली जाती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पुराने जल निकासी मार्ग की पहचान कर उसे अतिक्रमणमुक्त कराने, नाले को दोबारा चौड़ा और गहरा करने, पुल की जल निकासी क्षमता की समीक्षा करने तथा लौह चूर्ण और कचरे से बंद नालियों की नियमित सफाई कराने की मांग की है। लोगों का साफ कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाया गया तो अगली तेज बारिश में केवल सड़क जाम और जलभराव ही नहीं, बल्कि किसी बड़े हादसे की भी नौबत आ सकती है।













