रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। किरीबुरू शहर में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोग घरों से बाहर निकलने में भी भय महसूस करने लगे हैं। टाउनशिप से लेकर बैंकमोड़ क्षेत्र तक आवारा कुत्तों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं और आने-जाने वाले लोगों पर अचानक हमला कर उन्हें जख्मी कर रहे हैं। इन कुत्तों के हमलों में अब तक दर्जनों लोग घायल हो चुके हैं, जबकि कुछ पालतू जानवरों को भी अपना शिकार बना चुके हैं।

अलग-अलग इलाकों में झुंड बनाकर कर रहे हमला
शहर के विभिन्न हिस्सों में आवारा कुत्ते अलग-अलग समूहों में डेरा जमाए हुए हैं। सड़क, गली, चौक-चौराहे और आवासीय क्षेत्रों में झुंड बनाकर रहने वाले ये कुत्ते राहगीरों को देखते ही आक्रामक हो जाते हैं। कई बार लोग बचने के लिए भागने लगते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है।

बच्चों पर मंडरा रहा सबसे बड़ा खतरा
सबसे अधिक चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है। स्कूल आने-जाने वाले और घर के बाहर खेलने वाले बच्चों को इन आक्रामक कुत्तों से हमेशा खतरा बना रहता है। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि यदि समय रहते आवारा कुत्तों पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसी दिन बड़ी घटना हो सकती है।
लोगों को करवाना पड़ रहा जरूरी इलाज
कुत्तों के काटने से घायल लोगों को अस्पताल एवं स्वास्थ्य केंद्रों में पहुंचकर जरूरी उपचार और एंटी-रेबीज टीका लगवाना पड़ रहा है। लगातार बढ़ रही घटनाओं से शहरवासियों में भय और आक्रोश दोनों देखने को मिल रहा है।

जिम्मेदार विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग
शहरवासियों का कहना है कि समस्या अब महज आवारा कुत्तों की मौजूदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह लोगों की जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला बन चुका है। लोगों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से तत्काल अभियान चलाकर आक्रामक एवं आवारा कुत्तों पर नियंत्रण की मांग की है।

शहरवासियों का कहना है कि किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को अभी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, राहगीरों और पालतू जानवरों को लगातार बढ़ते इस खतरे से राहत मिल सके।












