सेल की किरीबुरू-मेघाहातुबुरु खदानों से लेकर गैरेज और ट्रांसपोर्ट कंपनियों तक सजे पूजा स्थल
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू/मेघाहातुबुरु। लौह अयस्क नगरी किरीबुरू और मेघाहातुबुरु समेत सारंडा एवं कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों में गुरुवार को भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना पूरे हर्षोल्लास, श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ की जा रही है। निर्माण, औद्योगिक एवं तकनीकी कार्यों से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखने वाले विश्वकर्मा पूजा को लेकर सुबह से ही क्षेत्र का माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

सेल की खदानों में विशेष पूजा-अर्चना
सेल की किरीबुरू एवं मेघाहातुबुरु लौह अयस्क खदानों के विभिन्न विभागों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा एवं तस्वीर स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की गई। अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रमिकों ने अपने-अपने कार्यस्थलों पर मशीनों, उपकरणों एवं वाहनों की पूजा कर सुख-समृद्धि और कार्यस्थल पर सुरक्षा की कामना की।

गैरेज से ट्रांसपोर्ट कंपनियों तक उत्सव का रंग
किरीबुरू-मेघाहातुबुरु शहर के विभिन्न गैरेज, वर्कशॉप, ट्रांसपोर्ट कंपनियों, वाहन मालिकों तथा अन्य तकनीकी एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में भी विश्वकर्मा पूजा को लेकर विशेष तैयारी की गई थी। प्रतिष्ठानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया तथा सुबह से ही पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो गया।
कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन में भी दिखा उत्साह
कॉन्ट्रैक्टर वेलफेयर एसोसिएशन समेत विभिन्न संस्थानों में भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर पूजा की गई। यहां काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों ने सामूहिक रूप से पूजा में हिस्सा लिया। पूजा स्थलों पर प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।

सीआरपीएफ और पुलिस शस्त्रागार में भी पूजा
विश्वकर्मा पूजा का उत्साह सुरक्षा बलों के बीच भी देखने को मिला। क्षेत्र के सीआरपीएफ एवं पुलिस शस्त्रागार में भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर अथवा प्रतिमा स्थापित कर पारंपरिक तरीके से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान शस्त्र एवं कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की भी विधिवत पूजा की गई।
पूजा पंडालों में खिचड़ी भोग, उमड़ी भीड़
विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर कई पूजा पंडालों एवं आयोजन स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए खिचड़ी भोग का आयोजन किया गया। भोग ग्रहण करने के लिए बड़ी संख्या में लोग परिवार के साथ पूजा स्थलों पर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद रूपी खिचड़ी भोग ग्रहण किया।

बच्चों में भी दिखा खास उत्साह
विश्वकर्मा पूजा को लेकर बच्चों और युवाओं में भी खासा उत्साह देखा गया। पूजा स्थलों पर परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने भगवान विश्वकर्मा के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया। कई स्थानों पर पूजा पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है।
औद्योगिक नगरी में आस्था के साथ सुरक्षा का संदेश
लौह अयस्क खनन और औद्योगिक गतिविधियों के लिए प्रसिद्ध किरीबुरू-मेघाहातुबुरु में विश्वकर्मा पूजा का विशेष महत्व है। यहां भारी मशीनरी, वाहन, तकनीकी उपकरण और औद्योगिक संसाधनों के साथ प्रत्यक्ष रूप से काम करने वाले श्रमिक एवं कर्मचारी इस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाते हैं। पूजा के माध्यम से लोग कार्य में सफलता, मशीनों की सुचारू कार्यप्रणाली और कार्यस्थल पर सुरक्षित वातावरण की कामना करते हैं।
सारंडा और कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों में देर शाम तक पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। विश्वकर्मा पूजा ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक आस्था, आपसी मेलजोल और उत्सव के रंग में रंग दिया है।













