मद्धेशिया हलवाई समाज के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना, हवन और भंडारे में लिया हिस्सा
गुवा संवाददाता।
बड़ाजामदा में शनिवार को मद्धेशिया हलवाई समाज की ओर से संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ गोविंद की जयंती श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। समारोह में समाज के सैकड़ों महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लेकर बाबा गणिनाथ महाराज की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।


वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई पूजा
कार्यक्रम की शुरुआत बाबा गणिनाथ महाराज की विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई। पूजा-अर्चना से पूर्व जोड़ा से पहुंचे मुख्य अतिथि दीपू जी ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें समाज के लोगों ने सपरिवार भाग लेकर आहुति दी।

हवन के बाद श्रद्धालुओं में बांटा गया प्रसाद
पूजा संपन्न होने के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। वहीं, समाज की ओर से सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में समाज के लोगों सहित अन्य श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
बाबा गणिनाथ के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
मुख्य पुजारी लालू पांडे ने संत शिरोमणि बाबा गणिनाथ महाराज की जीवनी एवं उनके आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा गणिनाथ परम तपस्वी थे और उन्होंने अपनी साधना से दिव्य शक्तियां अर्जित की थीं। वे शोषण, अत्याचार और अन्याय के प्रखर विरोधी थे। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने तथा लोगों को सद्मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
उन्होंने श्रद्धालुओं से बाबा गणिनाथ के आदर्शों को जीवन में अपनाने तथा क्रोध, मोह और लोभ का त्याग कर सदाचार एवं मानवता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

समाज की मजबूती पर हुआ मंथन
कार्यक्रम के अंत में मध्यदेशीय वैश्य समाज को और अधिक संगठित एवं मजबूत बनाने को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज के विकास, सामाजिक एकजुटता और मंदिर निर्माण सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। समाज के लोगों ने संगठन को मजबूत बनाने तथा आने वाली पीढ़ी को समाज के गौरवशाली इतिहास और संस्कारों से जोड़ने पर भी जोर दिया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर काशीनाथ गुप्ता, शिवदयाल प्रसाद, सुनील कुमार शाह, मदन गुप्ता, धर्मेंद्र गुप्ता, मणिशंकर प्रसाद, तारकेश्वर गुप्ता, शैलेंद्र गुप्ता, श्रवण गुप्ता, रत्नेश गुप्ता, विजय कुमार प्रसाद, पिंटू गुप्ता, प्रेम गुप्ता, इंद्रजीत गुप्ता, ज्ञान चंद्र गुप्ता सहित समाज के अन्य लोग उपस्थित थे।















