दुकान के बाहर से पुराना एसी उठाकर जंगल में पहुंचे थे चोर, एक धराया तो तीन भाग निकले
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू। किरीबुरू में चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला 20 सितंबर की अहले सुबह चर्च रोड स्थित अब्दुल फ्रिज, एसी दुकान से सामने आया, जहां दुकान के बाहर रखा पुराना एसी कथित रूप से चार युवक उठाकर पास के जंगल में ले गए। बताया जा रहा है कि आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल था।

जंगल में बैठकर एसी से निकाल रहे थे तांबा
जानकारी के अनुसार, चारों युवक पुराने एसी को जंगल में ले जाने के बाद वहीं बैठकर उसके अंदर लगे मोटर, कंप्रेसर सहित अन्य हिस्सों को खोलने और तोड़ने लगे। इसके बाद एसी के अंदर से तांबा निकालने का काम किया जा रहा था।
इसी दौरान दुकानदार और दुकान का एक स्टाफ अपना सामान खोजते हुए जंगल की ओर पहुंचे। वहां उन्होंने चार युवकों को पुराने एसी को तोड़कर उसके अंदर से तांबा निकालते हुए कथित तौर पर देख लिया।


दुकानदार और स्टाफ को देखते ही मची भगदड़
चोरों को पकड़ने का प्रयास किया गया। इस दौरान एक युवक को पकड़ने में सफलता मिली, जबकि तीन अन्य मौके का फायदा उठाकर जंगल की ओर भाग निकले।
पकड़े गए युवक ने अपना नाम जोसेफ बताया है। उसके अनुसार, फरार युवकों में मोटू और डेके के अलावा एक नाबालिग शामिल है। बताया गया है कि ये सभी मेन मार्केट हाटिंग क्षेत्र में रहते हैं।
पकड़ा गया युवक पुलिस के हवाले
पकड़े गए युवक को पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस जांच के बाद ही चोरी की घटना में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।


चोरी के सामान के खरीदारों पर भी उठे सवाल
घटना ने किरीबुरू में चोरी की वारदातों के पीछे सक्रिय कथित कबाड़ और चोरी के सामान के खरीदारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा का विषय है कि यदि चोरी का सामान खरीदने वाले लोग नहीं होंगे तो चोरों को चोरी करने के बाद सामान खपाने में परेशानी होगी।
‘बड़े खरीदारों’ तक पहुंचे पुलिस के हाथ तो टूटेगी चोरी की कड़ी
सबसे बड़ा सवाल यही है कि चोरी किए गए एसी, मोटर, कंप्रेसर और तांबे जैसे सामान आखिर किन लोगों के पास पहुंचते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस को केवल चोरी करने वाले छोटे आरोपियों तक सीमित रहने के बजाय चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच करनी चाहिए।
यदि जांच में चोरी का सामान खरीदने वालों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जरूरत है। स्थानीय लोगों का मानना है कि चोरी करने वाले और चोरी का माल खरीदने वाले—दोनों कड़ियों पर कार्रवाई होने से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिल सकती है।













