सुबह पाठ-कीर्तन, दोपहर महा लंगर और नई कमिटी का गठन—कलगीधर गुरुद्वारा बना भक्ति का केंद्र
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
वैसाखी पर्व के अवसर पर किरीबुरू स्थित कलगीधर गुरुद्वारा में तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का समापन 14 अप्रैल को भक्ति, सेवा और संगत के अद्भुत संगम के साथ हुआ। सुबह से ही गुरुद्वारा परिसर में आध्यात्मिक माहौल छाया रहा और पूरे दिन धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलती रही।

सुबह से गूंजे पाठ और कीर्तन, संगत में उमड़ी श्रद्धा
14 अप्रैल की सुबह जमशेदपुर से आए बाबा और माताओं के नेतृत्व में गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष विधिवत पाठ और भक्ति कीर्तन का आयोजन किया गया। गुरबाणी की मधुर धुनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
संगत बड़ी संख्या में उपस्थित रही और हर कोई “वाहेगुरु” के सिमरन में लीन नजर आया।

दोपहर में भव्य महा लंगर, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद
दोपहर के समय गुरुद्वारा परिसर में भव्य महा लंगर प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ बैठकर लंगर ग्रहण किया।
लंगर सेवा में भी श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जो सिख धर्म की समानता और सेवा की परंपरा को दर्शाता है।

13 अप्रैल: दूध-दही से स्नान के बाद हुआ निशान साहिब का चोला परिवर्तन
एक दिन पूर्व 13 अप्रैल को गुरुद्वारा परिसर में निशान साहिब का चोला परिवर्तन पूरे धार्मिक रीति-रिवाज के साथ सम्पन्न किया गया।
चोला परिवर्तन से पहले निशान साहिब को दूध, दही और पवित्र जल से स्नान कराया गया, जिसके बाद नए चोले को श्रद्धा के साथ चढ़ाया गया।
यह अनुष्ठान सिख धर्म में पवित्रता और नवीकरण का प्रतीक माना जाता है।
पृष्ठभूमि: जमशेदपुर से पावन स्वरूप का आगमन
इस पूरे आयोजन की शुरुआत उस समय हुई जब गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप को जमशेदपुर के रामदास भट्ठा, बिष्टुपुर से विशेष पालकी साहिब में सुसज्जित कर किरीबुरू लाया गया।
टाउन गेट पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया और सेवा भाव के साथ सड़कों की सफाई एवं फूलों की वर्षा कर पूरे मार्ग को पवित्र बनाया गया।

नई कमिटी का गठन: सेवा और पारदर्शिता का संकल्प
वैसाखी के पावन अवसर पर कलगीधर गुरुद्वारा की नई कमिटी का गठन भी किया गया। नई कार्यकारिणी इस प्रकार है:
* चेयरमैन – अवतार सिंह
* प्रधान – निर्मल सिंह
* उप प्रधान – पपिंदर सिंह @ बिट्टू
* सचिव – संतोष सिंह
* महासचिव – हरपाल सिंह @ बुलबुल
* कोषाध्यक्ष – मुख्तार सिंह
नई कमिटी के सभी पदाधिकारियों ने बाबा से आशीर्वाद लेकर गुरुद्वारा के विकास, सेवा और धार्मिक आस्था को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

संगत की उमड़ी भीड़, सभी धर्मों की सहभागिता
पूरे कार्यक्रम के दौरान सिख समाज के साथ-साथ अन्य धर्मों के लोगों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिसने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
आस्था, सेवा और एकता का संदेश
निशान साहिब का चोला परिवर्तन, पावन स्वरूप का आगमन, पाठ-कीर्तन और महा लंगर—इन सभी आयोजनों ने किरीबुरू को पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
यह आयोजन एक बार फिर साबित करता है कि सिख धर्म में सेवा, समर्पण और समानता ही सबसे बड़ी पहचान है।












