पश्चिम सिंहभूम से ओड़िशा के क्योंझर जिले तक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है सार्वजनिक दुर्गापूजा समारोह
युवा उद्योगपति संजय कुमार शारदा के नेतृत्व में युद्धस्तर पर चल रही तैयारियां, भव्य मेला, रंग-बिरंगे झूले और माता रानी का जागरण होंगे मुख्य आकर्षण
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
बड़ाजामदा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सार्वजनिक दुर्गापूजा कमेटी, फुटबॉल मैदान, बड़ाजामदा की ओर से इस वर्ष भी भव्य एवं आकर्षक दुर्गापूजा समारोह आयोजित करने की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। यहां का विशाल पूजा पंडाल, मनमोहक विद्युत साज-सज्जा, देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां, विभिन्न प्रकार के झूले और भव्य मेला हर वर्ष श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनते हैं। धार्मिक आस्था, भव्यता और मनोरंजन के अनूठे संगम के कारण इस दुर्गापूजा समारोह की ख्याति पूरे पश्चिम सिंहभूम जिले के साथ-साथ ओड़िशा के क्योंझर जिले तक फैली हुई है।

भव्य पंडाल और विद्युत साज-सज्जा बिखेरेंगे अलौकिक छटा
फुटबॉल मैदान में आयोजित होने वाले इस दुर्गापूजा समारोह में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा, आकर्षक पूजा पंडाल और रंग-बिरंगी विद्युत सजावट श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करती है। पंडाल की भव्यता और रोशनी से सजा पूजा परिसर उत्सव के दौरान भक्तिमय वातावरण का सृजन करता है। शाम होते ही विद्युत साज-सज्जा की चमक और आकर्षक सजावट पूरे क्षेत्र को उत्सवी रंग में रंग देती है।
झूले, मेला और आकर्षक झांकियां होंगी खास आकर्षण
दुर्गापूजा के दौरान लगने वाला विशाल मेला बच्चों, युवाओं और परिवारों के लिए विशेष आकर्षण रहता है। विभिन्न प्रकार के झूले, मनोरंजन के साधन और मेले में सजी दुकानों के बीच लोगों को उत्सव का भरपूर आनंद लेने का अवसर मिलता है।
वहीं, देवी-देवताओं से संबंधित आकर्षक झांकियां और साज-सज्जा श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ती हैं। यही विशेषताएं इस आयोजन को केवल पूजा समारोह तक सीमित नहीं रखतीं, बल्कि इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में विशिष्ट पहचान दिलाती हैं। दुर्गापूजा के अवसर पर पश्चिम सिंहभूम और पड़ोसी ओड़िशा के क्योंझर जिले से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं दर्शकों के पहुंचने की परंपरा रही है।
संजय कुमार शारदा के नेतृत्व में जुटी समर्पित टीम
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में कमेटी के प्रमुख युवा उद्योगपति संजय कुमार शारदा की अहम भूमिका है। उनके नेतृत्व में दर्जनों प्रबुद्ध नागरिकों और उत्साही युवाओं की टीम पूरी निष्ठा, समर्पण और उत्साह के साथ तैयारियों में जुटी हुई है। पंडाल निर्माण, विद्युत सजावट, पूजा व्यवस्था, मेला संचालन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
कमेटी की टीम का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं को भव्यता के साथ निभाने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना और आयोजन को व्यवस्थित एवं यादगार बनाना है। सामूहिक सहयोग और समर्पण की भावना इस आयोजन की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है।
16 से 23 अक्टूबर तक पूजा कार्यक्रमों की धूम
कमेटी की ओर से जारी कार्यक्रम सूची के अनुसार, 16 अक्टूबर को षष्ठी पूजा के साथ धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत होगी। इसके बाद 17 और 18 अक्टूबर को सप्तमी पूजा, पुष्पांजलि एवं संध्या आरती आयोजित की जाएगी।
19 अक्टूबर को महाअष्टमी के अवसर पर अष्टमी पूजा, पुष्पांजलि, संधि पूजा, बलि धान, दीप धान और शस्त्र पूजा सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होंगे। 20 अक्टूबर को नवमी पूजा, हवन, नवमी पुष्पांजलि और संध्या आरती का कार्यक्रम निर्धारित है।
21 अक्टूबर को दशमी पूजा, घाट एवं दर्पण विसर्जन, संध्या आरती, रावण दहन और अपराजिता विसर्जन पूजा आयोजित की जाएगी। वहीं, 22 अक्टूबर की रात माता रानी का भव्य जागरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। 23 अक्टूबर को सिंदूर दान और प्रतिमा विसर्जन के साथ पूजा समारोह का समापन होगा।
माता रानी के जागरण में भक्ति की बहेगी धारा
पूजा समारोह के दौरान 22 अक्टूबर की रात आयोजित होने वाला माता रानी का जागरण श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। भक्ति गीतों और माता की आराधना के बीच पूरा वातावरण भक्तिमय होने की उम्मीद है। जागरण में शामिल होकर श्रद्धालु माता रानी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करेंगे।
आस्था, परंपरा और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है आयोजन
सार्वजनिक दुर्गापूजा कमेटी, फुटबॉल मैदान, बड़ाजामदा का यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का भी प्रतीक है। कमेटी के पदाधिकारियों, प्रबुद्ध नागरिकों और युवाओं के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन हर वर्ष अपनी विशिष्ट पहचान बनाए रखता है।
भव्य पंडाल, आकर्षक रोशनी, मनोरंजक मेला, झूले, मनमोहक झांकियां और माता रानी का जागरण इस बार भी श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए तैयार हैं। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस वर्ष का दुर्गापूजा समारोह भी उत्साह, उल्लास और भक्तिमय वातावरण के बीच यादगार बनेगा।










