रिपोर्ट : शैलेश सिंह
गुवा, 16 अगस्त। गुवा सेल खदान में ड्यूटी के दौरान एक्स-असिस्टेंट मैनेजर (माइनिंग) दिवेंदु दास की आकस्मिक मौत के बाद शुरू हुआ मजदूरों का आंदोलन लगातार जारी है। मृतक के आश्रित को सेल में स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर मजदूर संगठन और प्रबंधन के बीच सहमति नहीं बन पाई है। रविवार को SAIL-CMLO गुवा अयस्क खदान के मुख्य महाप्रबंधक (माइंस) चंद्र भूषण कुमार की ओर से दिवंगत अधिकारी की पत्नी इंद्राणी दास को भेजे गए शोक पत्र के बावजूद मजदूर संगठनों का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ।

सीजीएम ने पत्र भेजकर जताई संवेदना
सीजीएम चंद्र भूषण कुमार ने 16 अगस्त को जारी पत्र में दिवेंदु दास के आकस्मिक एवं असामयिक निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। पत्र में प्रबंधन की ओर से मृतक की पत्नी और परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा गया है कि कंपनी के वर्तमान नियमों एवं विनियमों के तहत जो भी मुआवजा देय होगा, उसे मृतक के परिवार को दिया जाएगा। इसके लिए परिजनों से अनुरोध प्राप्त होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
नौकरी की मांग पर अड़े मजदूर संगठन
हालांकि, मजदूर संगठनों का कहना है कि केवल मुआवजे और संवेदना पत्र से उनकी मांग पूरी नहीं होती। मजदूर नेता रामा पाण्डे ने स्पष्ट कहा कि आंदोलन की मुख्य मांग मृतक के एक आश्रित को सेल में स्थायी नौकरी देना है। उन्होंने कहा कि प्रबंधन अपने पत्र में स्पष्ट रूप से यह लाइन लिखे कि दिवंगत दिवेंदु दास के एक आश्रित को उसकी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार सेल में स्थायी नौकरी दी जाएगी।

लिखित आश्वासन के बिना आंदोलन खत्म नहीं
रामा पाण्डे ने कहा कि मजदूर संगठन चाहते हैं कि नौकरी के मुद्दे पर प्रबंधन की ओर से स्पष्ट और लिखित आश्वासन दिया जाए। जब तक इस मांग पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक आंदोलन समाप्त करने का सवाल ही नहीं उठता। मजदूर संगठनों का कहना है कि मृतक अधिकारी के परिवार के भविष्य को देखते हुए आश्रित को स्थायी रोजगार मिलना जरूरी है।
शाम को फिर होगी प्रबंधन और मजदूर संगठनों की बैठक
मजदूर नेता रामा पाण्डे ने बताया कि रविवार शाम एक बार फिर सीजीएम के साथ मजदूर संगठनों की बैठक होने वाली है। इस बैठक में आश्रित को स्थायी नौकरी देने की मांग को लेकर बातचीत होगी। मजदूर संगठनों को उम्मीद है कि बैठक में प्रबंधन की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने आएगा।
मांग नहीं मानी तो आंदोलन रहेगा जारी
रामा पाण्डे ने साफ कहा कि यदि शाम को होने वाली बैठक में भी कोई सकारात्मक नतीजा नहीं निकलता है और आश्रित को स्थायी नौकरी देने के संबंध में स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं मिलता है, तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। मजदूर संगठन अपनी मांग पर पूरी तरह कायम हैं।
प्रबंधन के आश्वासन और मजदूरों की मांग के बीच गतिरोध
फिलहाल गुवा सेल खदान में प्रबंधन की ओर से मुआवजा दिए जाने का आश्वासन तो दिया गया है, लेकिन मजदूर संगठनों की मुख्य मांग स्थायी नौकरी को लेकर गतिरोध बरकरार है। अब सभी की नजर शाम को होने वाली प्रबंधन और मजदूर संगठनों की बैठक पर टिकी है। बैठक में यदि सहमति बनती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना है, अन्यथा आंदोलन के और आगे बढ़ने के संकेत मजदूर नेता ने दिए हैं।





















