छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंग पोंगा गांव के समीप चल रहा सघन ऑपरेशन, बड़े नक्सली नेताओं की मौजूदगी की सूचना
घने जंगल में अचानक शुरू हुई फायरिंग
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल एक बार फिर गोलियों की आवाज से दहल उठा है। छोटानागरा थाना अंतर्गत मारंग पोंगा गांव के समीप स्थित जंगल में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ की सूचना मिल रही है। हालांकि खबर लिखे जाने तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन स्थानीय सूत्रों ने फायरिंग की पुष्टि की है।

बड़े नक्सली नेताओं के छिपे होने की थी सूचना
सूत्रों के अनुसार, इस क्षेत्र में लंबे समय से एक बड़े नक्सली जमावड़े की सूचना मिल रही थी। बताया जा रहा है कि एक करोड़ रुपये का इनामी पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा अपने सहयोगियों मोछू, सागेन अंगारिया और अश्विन जैसे कुख्यात नक्सलियों के साथ इसी इलाके में छिपा हुआ था। इनपुट के आधार पर ही सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त कार्रवाई
इस ऑपरेशन में जिला पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ और कोबरा बटालियन के जवान शामिल हैं। किरीबुरू और छोटानागरा क्षेत्र से भी भारी संख्या में जवानों को जंगल की ओर रवाना किया गया था। पहले से ही इस इलाके में कई पुलिस कैंप स्थापित हैं, जिससे यह क्षेत्र सुरक्षा बलों के लिए रणनीतिक रूप से अहम बना हुआ है।
35-40 नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका
खुफिया सूत्रों का दावा है कि सारंडा के इस हिस्से में करीब 35 से 40 नक्सलियों का समूह सक्रिय है। ऐसे में मुठभेड़ का दायरा बड़ा और लंबा खिंचने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरते हुए सघन तलाशी अभियान तेज कर दिया है।

बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक, जिस तरह से घेराबंदी की गई है, उससे सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता हाथ लगने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि इनामी नक्सली नेताओं की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो यह ऑपरेशन सारंडा क्षेत्र में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका दे सकता है।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मुठभेड़ जारी होने की संभावना के बीच पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सारंडा फिर बना ऑपरेशन का केंद्र
सारंडा का घना जंगल लंबे समय से नक्सल गतिविधियों का गढ़ रहा है। सुरक्षा बल लगातार यहां ऑपरेशन चलाकर नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने में जुटे हैं। ताजा मुठभेड़ इसी अभियान की कड़ी मानी जा रही है।
(अपडेट का इंतजार, स्थिति पर नजर जारी)












