मारंग पोंगा–बालिबा के बीच जंगल बना रणक्षेत्र, ऑपरेशन तेज
सुबह 10 बजे गोलियों से दहला जंगल
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
पश्चिम सिंहभूम के सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ा प्रहार किया है। 15 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे छोटानागरा थाना क्षेत्र के मारंग पोंगा और बालिबा गांव के बीच स्थित घने जंगल से अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट गूंज उठी। ग्रामीणों के अनुसार, लंबे समय तक चली फायरिंग ने पूरे इलाके को दहला दिया।

चार नक्सलियों के मारे जाने की चर्चा
ग्रामीण सूत्रों और स्थानीय इनपुट के अनुसार, इस मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद जिस स्तर की फायरिंग हुई, उससे नक्सलियों को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
एक जवान घायल ! हौसला बुलंद
मुठभेड़ के दौरान एक सुरक्षाबल के जवान के घायल होने की भी चर्चा है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि घायल जवान को सुरक्षित बाहर निकालकर इलाज के लिए भेजा गया है। बावजूद इसके, जवानों का मनोबल पूरी तरह ऊंचा है और ऑपरेशन बिना रुके जारी है।
नक्सलियों के बड़े ठिकाने पर सीधा वार
सूत्रों के मुताबिक, सुरक्षाबलों को पहले से इनपुट था कि इस इलाके में एक करोड़ का इनामी नक्सली नेता मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ सक्रिय है। उसके साथ मोछू, सागेन अंगारिया और अश्विन जैसे बड़े नक्सली भी मौजूद थे। इसी ठोस सूचना के आधार पर पुलिस, सीआरपीएफ और कोबरा की संयुक्त टीम ने रणनीतिक घेराबंदी कर ऑपरेशन शुरू किया।
चारों तरफ से घेरकर की जा रही कार्रवाई
सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों तरफ से घेर रखा है। किरीबुरू और छोटानागरा से अतिरिक्त बल भेजे गए हैं। पहले से मौजूद पुलिस कैंपों की मदद से ऑपरेशन को और मजबूत किया गया है। जंगल के हर रास्ते पर नजर रखी जा रही है, ताकि कोई नक्सली भाग न सके।
नक्सल नेटवर्क को तोड़ने की निर्णायक लड़ाई
सूत्रों का मानना है कि सारंडा में 30 से 40 नक्सलियों का समूह सक्रिय है। ऐसे में यह ऑपरेशन नक्सल नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है। जिस तरह से सुरक्षाबलों ने दबाव बनाया है, उससे साफ है कि अब नक्सलियों के लिए सारंडा में टिक पाना मुश्किल होता जा रहा है।
पुलिस की चुप्पी, लेकिन कार्रवाई तेज
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर चल रही कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि ऑपरेशन बेहद गंभीर और निर्णायक मोड़ पर है। सुरक्षा एजेंसियां हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं।
संदेश साफ: अब बख्शे नहीं जाएंगे नक्सली
सारंडा के जंगल में चल रही यह मुठभेड़ एक स्पष्ट संदेश है—अब नक्सलियों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं बचा है। सुरक्षाबल पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार हैं।
(आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार, ऑपरेशन जारी)












