“जिस घर में हंसी गूंजती थी, वहां सोमवार सुबह पसरा था मातम और खून का सन्नाटा”
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
Jamshedpur के Agrico स्थित रोड नंबर-2 में सोमवार को एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। Sidgora थाना क्षेत्र अंतर्गत क्वार्टर नंबर एल-13 में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या का आरोप परिवार के मुखिया और टाटा स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी रविंद्र प्रसाद सिंह पर लगा है, जिसने कथित तौर पर अपनी पत्नी, गर्भवती बेटी और बेटे को कुल्हाड़ी से काट डाला।
घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। आसपास के लोग घर के बाहर जमा हो गए। जिस घर में कभी पारिवारिक जीवन की सामान्य हलचल होती थी, वहां सोमवार को खून से सने फर्श, चीखों की कल्पना और मौत का भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था।

खुद पुलिस को फोन कर बोला – “मैंने सबको मार दिया”
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी रविंद्र प्रसाद सिंह ने हत्या करने के बाद स्वयं पुलिस को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सिदगोड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घर के अंदर का दृश्य देखकर दंग रह गई। घर के अलग-अलग हिस्सों में पत्नी सरिता सिंह (55), बेटी सुप्रिया सिंह (31) और बेटे रविशेक कुमार (30) के शव पड़े हुए थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों की हत्या कुल्हाड़ी से की गई है। पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में प्रयुक्त हथियार को भी बरामद कर लिया गया है।
गर्भवती बेटी की हत्या ने लोगों को और झकझोरा
इस हत्याकांड का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक सुप्रिया सिंह शादीशुदा थी और गर्भवती बताई जा रही थी। एक पिता द्वारा अपनी ही गर्भवती बेटी की निर्ममता से हत्या कर देना लोगों के लिए सबसे बड़ा सवाल बन गया है।
इलाके के लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि शांत दिखने वाला एक व्यक्ति इतना क्रूर कदम उठा सकता है। पड़ोसियों के मुताबिक परिवार में पिछले कुछ महीनों से तनाव और विवाद की स्थिति बनी हुई थी। हालांकि विवाद का कारण क्या था, यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है।
रिटायरमेंट के बाद बढ़ने लगे थे घरेलू विवाद
जानकारी के अनुसार रविंद्र प्रसाद सिंह हाल ही में फरवरी महीने में टाटा स्टील से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद से परिवार में तनाव बढ़ने की बातें सामने आ रही हैं। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं मानसिक तनाव, आर्थिक दबाव या पारिवारिक कलह इस सामूहिक हत्याकांड की वजह तो नहीं बनी।
आखिर कितना पत्थर हो सकता है एक पिता का दिल?
यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि समाज और रिश्तों को झकझोर देने वाला सवाल भी है। आखिर एक पति इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि जीवन भर साथ निभाने वाली पत्नी को मौत के घाट उतार दे? एक पिता इतना कठोर कैसे बन सकता है कि अपनी ही संतान, वह भी गर्भवती बेटी, पर कुल्हाड़ी चला दे?
भारतीय समाज में पिता को परिवार का रक्षक माना जाता है, लेकिन जब वही रक्षक भक्षक बन जाए, तो रिश्तों पर भरोसा भी कांप उठता है। इस घटना ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि मानसिक तनाव, पारिवारिक टूटन और अंदर ही अंदर पनप रहा गुस्सा किस तरह इंसान को हैवान बना सकता है।
एग्रिको इलाके में दहशत, लोगों में आक्रोश
घटना के बाद पूरे एग्रिको इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के बाहर जुटे रहे। हर किसी की जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल था – “कोई पिता ऐसा कैसे कर सकता है?”
पुलिस ने पूरे इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है और पड़ोसियों से पूछताछ जारी है।
हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
सिदगोड़ा थाना पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और हत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस मानसिक स्थिति, पारिवारिक विवाद, आर्थिक कारण और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
फिलहाल इस दर्दनाक हत्याकांड ने पूरे जमशेदपुर को स्तब्ध कर दिया है। एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या ने रिश्तों, विश्वास और इंसानियत को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।














