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72 घंटे बाद खत्म हुआ गुवा सेल खदान का चक्का जाम

On: May 14, 2026 9:40 AM
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19 गांवों के बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने पर बनी सहमति, आधी रात वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

गुवा स्थित Steel Authority of India Limited (सेल) की लौह अयस्क खदान में 11 मई से जारी अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन आखिरकार 13 मई की मध्य रात्रि लगभग 11 बजे समाप्त हो गया। तीन दिनों तक लगातार चले इस आंदोलन के बाद बुधवार शाम 7 बजे से देर रात 11 बजे तक चली त्रिपक्षीय वार्ता में सहमति बनने पर आंदोलनकारियों ने चक्का जाम समाप्त करने की घोषणा की।
सारंडा क्षेत्र के खदान प्रभावित गांवों के मुंडा-मानकी संघ के नेतृत्व तथा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Madhu Koda के समर्थन से चल रहे इस आंदोलन ने लगभग 72 घंटे तक गुवा खदान क्षेत्र की उत्पादन एवं परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित रखा। खदान क्षेत्र में लौह अयस्क की ढुलाई बाधित रही और प्रबंधन पर स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का दबाव लगातार बढ़ता गया।

रोजगार की मांग पर अड़े थे आंदोलनकारी

आंदोलनकारी 500 स्थानीय युवाओं को रोजगार देने, विस्थापित एवं खदान प्रभावित ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी उपलब्ध कराने तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए थे। लगातार तीन दिनों तक चले आंदोलन में आसपास के गांवों के ग्रामीण, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में शामिल रहे।
आंदोलनकारियों का कहना था कि खदानों से करोड़ों का राजस्व निकलने के बावजूद स्थानीय बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा की जा रही है। इसी नाराजगी ने बड़े जनआंदोलन का रूप ले लिया था।

देर रात तक चली मैराथन वार्ता

आंदोलन समाप्त कराने को लेकर प्रशासन, सेल प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। अंतिम निर्णायक वार्ता बुधवार शाम 7 बजे शुरू हुई, जो देर रात 11 बजे तक चली। इसके बाद सर्वसम्मति से समझौता होने पर आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई।
वार्ता में सेल प्रबंधन की ओर से सीजीएम माइंस चंद्रभूषण कुमार, सीजीएम एचआर धीरेन्द्र मिश्रा, महाप्रबंधक डॉ. टी.सी. आनंद, महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह एवं उप महाप्रबंधक अनिल कुमार शामिल रहे। प्रशासन की ओर से जगन्नाथपुर एसडीओ महेंद्र छोटन उरांव, किरीबुरू एसडीपीओ अजय केरकेट्टा, नोवामुंडी अंचलाधिकारी मनोज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी पप्पू रजक, गुवा थाना प्रभारी नीतीश कुमार, किरीबुरू थाना प्रभारी रोहित कुमार तथा छोटानागरा थाना प्रभारी सैनिक समद मौजूद थे।
वहीं आंदोलनकारियों की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, मानकी सुरेश चांपिया, मंगता सुरीन, जिला परिषद सदस्य देवकी कुमारी, सिंगा सुरीन, बिरसा सुरीन, केशव गोप, विकास गोप, गुलियन चाम्पिया, विकास पुरती, सुशील पुरती, मदन चाम्पिया, मैगरिट सिरका, रजनी पुरती, सुमित्रा पुरती, लालू चाम्पिया, लक्ष्मी चाम्पिया, लखन चाम्पिया, सोमा चाम्पिया, विजय हाईबुरु, लंका पुरती, हरि चाम्पिया समेत कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

19 गांवों के लिए बनी नई रोजगार नीति

वार्ता के बाद उप महाप्रबंधक अनिल कुमार और आंदोलनकारी नेता मंगता सुरीन ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से खदान प्रभावित 18 गांवों समेत गुवा क्षेत्र को मिलाकर कुल 19 गांवों के बेरोजगार युवाओं के हित में नई रोजगार नीति और कमिटी गठित की गई है।
इस कमिटी का नोडल पदाधिकारी गुवा थाना प्रभारी को बनाया गया है। तय हुआ कि रांजाबुरू खदान में खनन कार्य कर रही “मां सरला” ठेका कंपनी तत्काल 50 स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देगी। इसके अलावा गुवा खदान में भविष्य में जितनी भी मैनपावर की आवश्यकता होगी, उसमें प्राथमिकता इन्हीं 19 गांवों के युवाओं को दी जाएगी।

ग्राम सभा तैयार करेगी बेरोजगारों की सूची

समझौते के अनुसार सभी 19 गांवों के मानकी और मुंडा ग्राम सभा आयोजित कर अपने-अपने गांवों के शिक्षित एवं कार्यकुशल बेरोजगार युवाओं की सूची तैयार करेंगे। यह सूची गुवा थाना प्रभारी को सौंपी जाएगी। थाना प्रभारी सूची में शामिल युवाओं के शैक्षणिक प्रमाणपत्र, आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक बिंदुओं की जांच कर अंतिम रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसके बाद आवश्यकता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
समझौते में यह भी स्पष्ट किया गया कि रोजगार प्रक्रिया में सभी 19 गांवों को समान प्राथमिकता दी जाएगी तथा इन गांवों के बाहर के लोगों को रोजगार नहीं दिया जाएगा।

सीएसआर कार्य पूर्व की तरह जारी रहेंगे

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सेल प्रबंधन द्वारा क्षेत्र में चलाए जा रहे सीएसआर कार्य पूर्व की तरह जारी रहेंगे। आंदोलनकारियों ने इसे स्थानीय बेरोजगार युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यदि समझौते का पालन नहीं हुआ तो भविष्य में फिर आंदोलन किया जाएगा।
तीन दिनों तक चले इस बड़े आंदोलन के समाप्त होने के बाद बुधवार देर रात खदान क्षेत्र में स्थिति सामान्य होने लगी और परिवहन व्यवस्था बहाल करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

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सिंहभूम हलचल न्यूज़ एक स्थानीय समाचार मंच है, जो पश्चिमी सिंहभूम, झारखंड से सटीक और समय पर समाचार प्रदान करने के लिए समर्पित है। यह राजनीति, अपराध, मौसम, संस्कृति और सामुदायिक मुद्दों को हिंदी में कवर करता है।

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