संयुक्त मोर्चा की दो टूक- पहले की तरह कार्ड पंचिंग और रजिस्टर से बनेगी हाजिरी, जबरन दबाव बनाया तो होगा टकराव
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
सेल, गुवा खदान के सभी मजदूर संगठनों ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले रविवार को मजदूर नेता रामा पाण्डे की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक आयोजित कर सेल प्रबंधन द्वारा 15 जून से सभी खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के निर्णय का विरोध किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक इस मामले में न्यायालय का अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक श्रमिक बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी नहीं बनाएंगे और पूर्व की व्यवस्था के तहत टाइम ऑफिस में कार्ड पंचिंग एवं रजिस्टर पर हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।

न्यायालय में मामला लंबित, फैसले तक पुरानी व्यवस्था की मांग
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी से संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में प्रबंधन द्वारा नई व्यवस्था को जबरन लागू करना उचित नहीं है। श्रमिक संगठनों ने स्पष्ट किया कि न्यायालय का जो भी निर्णय आएगा, उसका सम्मान किया जाएगा, लेकिन उससे पहले किसी भी प्रकार की बाध्यता स्वीकार नहीं की जाएगी।
“टाइम ऑफिस बंद रहा तो वहीं खड़े रहेंगे”
संयुक्त मोर्चा के नेताओं ने कहा कि यदि प्रबंधन टाइम ऑफिस की पुरानी व्यवस्था बंद कर देता है, तब भी श्रमिक टाइम ऑफिस के पास उपस्थित रहेंगे, लेकिन बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी नहीं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि यदि इसके कारण श्रमिकों को गैरहाजिर घोषित किया जाता है या उनकी हाजिरी काटी जाती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।
लंबित मांगों को छोड़ नया आदेश थोपने का आरोप
बैठक में श्रमिक नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रबंधन मजदूरों की वर्षों पुरानी लंबित मांगों की अनदेखी कर रहा है। 39 महीने का एरियर, पर्क्स, अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, बेहतर चिकित्सा सुविधाएं तथा अन्य श्रमिक हितों से जुड़े कई मुद्दे आज भी अधूरे हैं। इसके बावजूद प्रबंधन नई-नई व्यवस्थाएं लागू करने में लगा हुआ है।
खदानों में मैनपावर की कमी का भी उठाया मुद्दा
बैठक में यह भी कहा गया कि खदानों में पहले से ही भारी मैनपावर की कमी है। कई बार एक ही ऑपरेटर को लगातार दो-दो पालियों में काम करना पड़ता है। ऐसे हालात में बायोमेट्रिक व्यवस्था श्रमिकों के लिए नई व्यावहारिक समस्याएं खड़ी कर सकती है।
रामा पाण्डे ने दी संघर्ष की चेतावनी
झारखंड मजदूर संघर्ष संघ के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने कहा कि संयुक्त मोर्चा से जुड़े सभी यूनियनों के श्रमिक 15 जून को सामान्य दिनों की तरह अपनी ड्यूटी पर जाएंगे और पुरानी व्यवस्था के तहत हाजिरी बनाने का प्रयास करेंगे। यदि प्रबंधन बायोमेट्रिक प्रणाली से जबरन हाजिरी बनाने का दबाव डालता है, तो श्रमिक और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
उन्होंने कहा कि बायोमेट्रिक हाजिरी का मामला न्यायालय में लंबित है और न्यायालय के निर्णय तक प्रबंधन को भी धैर्य रखना चाहिए। न्यायालय का फैसला आने से पहले नई व्यवस्था को जबरन लागू करना न्यायिक प्रक्रिया की भावना के विपरीत है। न्यायालय जो फैसला देगा उसे हम सभी सहर्ष स्वीकार करेंगे।
15 जून पर टिकी सबकी नजर
संयुक्त मोर्चा के इस ऐलान के बाद अब 15 जून को गुवा समेत सेल की विभिन्न खदानों में बायोमेट्रिक हाजिरी को लेकर स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं। यदि प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच सहमति नहीं बनती है, तो औद्योगिक विवाद और गहरा सकता है।











