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मजदूरों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं, गुवा खदान में अनियमितताओं पर झामसंसं का सीधा हमला

On: June 11, 2026 2:17 PM
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रामा पाण्डे की दो टूक चेतावनी- मजदूरों का शोषण बंद करो, नहीं तो खदान से लेकर मुख्यालय तक होगा बड़ा आंदोलन

रिपोर्ट: शैलेश सिंह

झारखंड मजदूर संघर्ष संघ (झामसंसं) के केंद्रीय अध्यक्ष रामा पाण्डे ने यूनियन के अन्य पदाधिकारियों के साथ सेल, गुवा खदान, क्रेशर एवं विभिन्न कार्यस्थलों का दौरा कर वहां व्याप्त भारी अनियमितताओं पर गहरी नाराजगी जताई। निरीक्षण के बाद उन्होंने सेल के सीजीएम से मुलाकात कर मजदूरों से जुड़ी तमाम समस्याओं का अविलंब समाधान करने की मांग की।


रामा पाण्डे ने कहा कि गुवा खदान के कई क्षेत्रों में कार्यरत ठेका मजदूरों को ठेकेदारों द्वारा निर्धारित मजदूरी तक नहीं दी जा रही है। उन्होंने इसे श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन बताते हुए कहा कि मजदूरों की मेहनत का पैसा रोकना किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रबंधन से मांग की कि सभी बकाया मजदूरी का तत्काल भुगतान कराया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में प्रत्येक ठेका मजदूर को न्यूनतम मजदूरी नियमित रूप से मिले।

सुरक्षा उपकरणों के अभाव में जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर मजदूर

उन्होंने आरोप लगाया कि खदान में कार्यरत मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, जिसके कारण वे असुरक्षित वातावरण में काम करने को विवश हैं। उन्होंने कहा कि डीजीएमएस एवं आईबीएम के प्रावधानों के अनुसार सुरक्षित कार्यस्थल और आवश्यक सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराने के बाद ही मजदूरों से काम लिया जाना चाहिए। यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी जारी रही तो किसी भी बड़ी दुर्घटना की जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।

धूल और प्रदूषण से बिगड़ रहा श्रमिकों का स्वास्थ्य

रामा पाण्डे ने कहा कि खदान क्षेत्र में नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं होने के कारण भारी मात्रा में धूलकण उड़ रहे हैं, जिससे प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर मजदूरों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है और वे श्वसन संबंधी गंभीर बीमारियों के खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि खदान क्षेत्र में नियमित जल छिड़काव और प्रदूषण नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था तत्काल लागू की जाए।

बायोमेट्रिक हाजिरी पर भी प्रबंधन को चेतावनी

झामसंसं के केंद्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में जब तक न्यायालय का अंतिम आदेश नहीं आ जाता, तब तक प्रबंधन मजदूरों पर जबरन बायोमेट्रिक हाजिरी थोपने का प्रयास न करे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि न्यायालय इसे लागू करने का आदेश देगा तो यूनियन उसका सम्मान करेगी, लेकिन न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी भी प्रकार का दबाव स्वीकार नहीं किया जाएगा।

समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो होगा बड़ा संघर्ष

रामा पाण्डे ने प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों की मजदूरी, सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो झारखंड मजदूर संघर्ष संघ व्यापक आंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि मजदूरों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार का हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर खदान से लेकर मुख्यालय तक संघर्ष तेज किया जाएगा।

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