डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर ट्रेड यूनियन पदाधिकारियों, सेल कर्मियों और छात्रों ने किया विरोध प्रदर्शन
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
ट्रेड यूनियन सीटू (CITU), किरीबुरू के पदाधिकारियों, सदस्य सेल कर्मियों तथा कुछ छात्रों ने सोमवार को किरीबुरू स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक पर पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षा सुधार के पक्षधर सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी नाराजगी जताई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग की।

सोनम वांगचुक के समर्थन में उठाई आवाज
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख के पर्यावरण संरक्षण, संवैधानिक अधिकारों और स्थानीय लोगों के हितों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करते रहे हैं। उनका कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है, इसलिए उन्हें शीघ्र रिहा किया जाना चाहिए।
क्या है सोनम वांगचुक का आंदोलन
सोनम वांगचुक पिछले कुछ वर्षों से लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची के तहत संरक्षण, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, पर्यावरण संरक्षण तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने की मांग को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्रों में अंधाधुंध विकास के खिलाफ भी कई अभियान चलाए हैं। अपनी मांगों के समर्थन में उन्होंने कई बार अनशन और पदयात्राएं भी की हैं, जिससे उनका आंदोलन राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना।

इनकी रही भागीदारी
इस विरोध प्रदर्शन में सीटू, किरीबुरू के मंजीत सिंह, गणपत शर्मा, मिथलेश कुमार, राजेश सिंह, मुकेश ठाकुर, गोविंद धनवार सहित यूनियन के अन्य सदस्य, सेल कर्मी और छात्र शामिल हुए। सभी ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करते हुए सरकार से सोनम वांगचुक की रिहाई और उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की।














