सुबह से जाम रही मनोहरपुर–बड़बिल/किरीबुरू सड़क, लिखित समझौते के बाद दोपहर 1:26 बजे समाप्त हुआ आंदोलन
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
चिड़िया। स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार, स्थानीय नीति लागू करने और वर्षों से लंबित विकास कार्यों की मांग को लेकर मंगलवार की सुबह 8 बजे से सारंडा के चिड़िया, बिनुवा, लोडो, टिमरा, सौदा और अंकुवा गांवों के ग्रामीणों द्वारा शुरू किया गया अनिश्चितकालीन सड़क जाम आखिरकार प्रशासन और सेल प्रबंधन के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया। लगभग साढ़े पांच घंटे तक चले आंदोलन के दौरान मनोहरपुर–बड़बिल/किरीबुरू मुख्य सड़क पूरी तरह जाम रही, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन पूरी तरह बाधित रहा।
दोपहर लगभग 1:26 बजे पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सेल, चिड़िया खदान के महाप्रबंधक रवि रंजन तथा उप महाप्रबंधक रतन पतरी ने आंदोलनकारियों की चारों प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए संयुक्त ग्रामसभा परिषद को लिखित आश्वासन सौंपा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो गया।

सुबह से आर-पार की लड़ाई के मूड में थे ग्रामीण
संयुक्त ग्रामसभा परिषद के बैनर तले आंदोलन कर रहे ग्रामीण सुबह से ही अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए थे। उनका कहना था कि सेल की चिड़िया खदान से सबसे अधिक प्रभावित स्थानीय गांवों के युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, जबकि विकास कार्य भी वर्षों से अधूरे पड़े हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया था कि बिना लिखित आश्वासन के आंदोलन समाप्त नहीं होगा।

प्रशासन की मौजूदगी में बनी सहमति
आंदोलन को समाप्त कराने के लिए प्रशासन ने पहल की। मनोहरपुर के अंचलाधिकारी प्रदीप कुमार एवं प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) शक्तिकुंज की मौजूदगी में सेल प्रबंधन और संयुक्त ग्रामसभा परिषद के प्रतिनिधियों के बीच वार्ता हुई। लंबी बातचीत के बाद सेल प्रबंधन ने सभी प्रमुख मांगों पर लिखित सहमति प्रदान की।
लिखित पत्र में क्या-क्या मिला आश्वासन
सेल, चिड़िया प्रबंधन द्वारा जारी लिखित पत्र में निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति दी गई—
● स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार
संयुक्त ग्रामसभा परिषद के अंतर्गत आने वाले चिड़िया, बिनुवा, लोडो, टिमरा, सौदा एवं अंकुवा गांवों के स्थानीय बेरोजगार युवक-युवतियों को संबंधित गांवों के मुंडाओं के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।
● हर महीने होगी बैठक
स्थानीय नियोजन नीति लागू करने तथा क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा और अन्य मुद्दों पर सेल प्रबंधन एवं संबंधित गांवों के मुंडाओं के बीच प्रत्येक माह बैठक आयोजित की जाएगी।
● सीएसआर के तहत विकास कार्य
सेल प्रबंधन ने सीएसआर मद से क्षेत्र में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पेयजल सुविधाओं को सुदृढ़ एवं बहाल करने का भी लिखित आश्वासन दिया।
● पांच किलोमीटर सड़क बनेगी
बिरसा चौक, चिड़िया से अंकुवा चौक तक लगभग पांच किलोमीटर जर्जर सड़क का पक्कीकरण कराने पर भी सहमति बनी, जिसे ग्रामीण लंबे समय से प्रमुख मांग के रूप में उठा रहे थे।
लिखित आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
चारों मांगों पर लिखित सहमति मिलने के बाद संयुक्त ग्रामसभा परिषद के नेताओं एवं ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की। दोपहर 1:26 बजे सड़क से धरना हटाया गया और बंद पड़ा मनोहरपुर–बड़बिल/किरीबुरू मार्ग फिर से वाहनों के लिए खोल दिया गया। इसके बाद कई घंटों से फंसे वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका।

ग्रामीण बोले—वादा पूरा नहीं हुआ तो फिर होगा आंदोलन
आंदोलनकारियों ने कहा कि फिलहाल वे सेल प्रबंधन के लिखित आश्वासन का सम्मान करते हुए आंदोलन समाप्त कर रहे हैं, लेकिन यदि तय समय के भीतर वादों को धरातल पर नहीं उतारा गया तो इससे भी बड़ा जनआंदोलन किया जाएगा। उनका कहना था कि यह आंदोलन केवल रोजगार की लड़ाई नहीं, बल्कि स्थानीय अधिकार, सम्मान और विकास की लड़ाई है।












