गुवा संवाददाता:
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) यूनिट जीओएम, गुवा में कार्मिकों के मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन एवं समग्र व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 17 से 19 जुलाई 2026 तक तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हार्टफुलनेस मेडिटेशन (श्री राम चंद्र मिशन) के सहयोग से संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण में ध्यान और सकारात्मक सोच पर जोर
कार्यशाला के मुख्य प्रशिक्षक हार्टफुलनेस मेडिटेशन के प्रीसेप्टर-सह-ज़ोनल कोऑर्डिनेटर (झारखंड) संजीव कुमार राय ने ध्यान (मेडिटेशन), मानसिक संस्कारों की शुद्धि (क्लीनिंग ऑफ इम्प्रेशंस) तथा प्रार्थना की प्रभावी विधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि नियमित ध्यान और सकारात्मक सोच से मानसिक तनाव कम होता है तथा कार्यक्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होती है।
52 कार्मिकों ने लिया सक्रिय भाग
कार्यक्रम में यूनिट के विभिन्न रैंकों के 52 कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान ड्यूटी के दौरान उत्पन्न मानसिक तनाव, कार्य के दबाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सकारात्मक ढंग से सामना करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही मानसिक संतुलन बनाए रखने, अनुशासित जीवनशैली अपनाने और सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए गए।
मानसिक स्वास्थ्य भी उतना ही महत्वपूर्ण : उप कमांडेंट
समापन समारोह में उप कमांडेंट रवि रंजन सिंह ने कहा कि एक सक्षम एवं अनुशासित बल के निर्माण में शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक स्वास्थ्य भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि तनावमुक्त और सकारात्मक सोच रखने वाला कार्मिक अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कार्यशाला में सीखी गई ध्यान एवं तनाव प्रबंधन की तकनीकों को दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
ध्यान अभ्यास से मिली नई प्रेरणा
तीनों दिनों तक प्रतिभागियों ने नियमित रूप से ध्यान एवं प्रार्थना का अभ्यास किया तथा आध्यात्मिक और व्यावहारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने के महत्व को समझा। कार्मिकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें तनावमुक्त रहकर बेहतर कार्य निष्पादन की प्रेरणा मिली।
भविष्य में भी होंगे ऐसे कार्यक्रम
सीआईएसएफ ने भविष्य में भी कार्मिकों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए इस प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।














