मुर्गापाड़ा में हुई दर्दनाक घटना
रिपोर्ट शैलेश सिंह।
किरीबुरू के मुर्गापाड़ा निवासी समर प्रसाद (20 वर्ष), पिता स्वर्गीय संजय प्रसाद ने शनिवार (19 जुलाई) दोपहर करीब 2:45 बजे अपने चाचा विनोद प्रसाद के सेल प्रबंधन आवास में गमछे के सहारे पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे परिवार में मातम पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

तीन महीने से रिनपास में चल रहा था इलाज
परिजनों के अनुसार समर मानसिक बीमारी से पीड़ित था और पिछले तीन महीने से रांची स्थित रिनपास अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। इलाज के बाद उसकी स्थिति में काफी सुधार भी देखा जा रहा था।
नहाने के बहाने कमरे में गया, फिर उठाया आत्मघाती कदम
मृतक के चाचा विनोद प्रसाद और चाची ने बताया कि घटना के समय विनोद प्रसाद गाड़ी का टायर बनवाने हिलटॉप गए थे। घर पर केवल उनकी पत्नी और समर मौजूद थे। समर ने नहाने की बात कहकर चाची से कपड़े और गमछा मांगा। चाची कपड़े देकर पड़ोस में चली गईं। इसी दौरान समर ने मुख्य दरवाजा बंद कर पंखे से गमछे के सहारे फंदा लगा लिया।
दरवाजा तोड़कर निकाला, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
कुछ आवाज सुनकर पड़ोसी और परिजन मौके पर पहुंचे। दरवाजा तोड़कर समर को फंदे से नीचे उतारा गया। उस समय उसकी सांसें चल रही थीं। उसे तत्काल सेल अस्पताल, किरीबुरू ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
माता-पिता के निधन के बाद चाचा-चाची ने बेटे की तरह पाला
परिजनों ने बताया कि समर के माता-पिता का कई वर्ष पहले निधन हो चुका था। इसके बाद चाचा-चाची ने उसे अपने बेटे की तरह पाला और उसकी हर जरूरत का ध्यान रखा। मानसिक बीमारी के इलाज के लिए भी लगातार प्रयास किए जा रहे थे।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या के कारणों की पड़ताल की जा रही है।

इलाके में शोक की लहर
इस घटना से मुर्गापाड़ा और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि समर को उसके चाचा-चाची ने हमेशा बेटे की तरह स्नेह दिया और उसके इलाज में कोई कमी नहीं छोड़ी। ऐसे में उसका यह कदम सभी के लिए बेहद दुखद और आश्चर्यजनक है।













