रिपोर्ट : शैलेश सिंह / संदीप गुप्ता
भगवान जगन्नाथ की बहुदा यात्रा (घुरती रथ) शुक्रवार को सारंडा क्षेत्र के किरीबुरू, गुवा और बड़ाजामदा में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुई। नौ दिनों तक मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) में प्रवास के बाद भगवान जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भव्य रथ पर सवार होकर पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटे। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने रस्सी के सहारे रथ खींचकर पुण्य अर्जित किया। पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, भजन-कीर्तन और ढोल-झाल की गूंज से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।

किरीबुरू में सीजीएम ने निभाई राजा की परंपरागत भूमिका
किरीबुरू के हिलटॉप स्थित मौसीबाड़ी से भगवान जगन्नाथ की बहुदा रथयात्रा पूरे पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकाली गई। सेल किरीबुरू के सीजीएम पी. एम. शिरपुरकर ने परंपरा के अनुसार राजा की भूमिका निभाते हुए रथयात्रा की अगुआई की। रथ प्रस्थान से पहले पूरे मार्ग की झाड़ू लगाकर साफ-सफाई की गई, जो भगवान के स्वागत की प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। सांस्कृतिक कलाकार पारंपरिक वेशभूषा में ढोल-झाल की थाप पर नृत्य करते हुए रथ के साथ चलते रहे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और उत्सवमय बना रहा।

गुवा में हवन-पूजन के बाद निकली भव्य घुरती रथयात्रा
गुवा के विवेक नगर स्थित मौसीबाड़ी (गुंडिचा मंदिर) से भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की घुरती रथयात्रा श्रद्धा और उत्साह के साथ निकाली गई। मुख्य मंदिर प्रस्थान से पहले वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेल गुवा के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रभूषण कुमार एवं महिला समिति की अध्यक्षा डॉ. शालू कुमार ने हवन में भाग लेकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की।

पौराणिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण की बहन सुभद्रा की नगर भ्रमण की इच्छा पूरी करने के लिए भगवान जगन्नाथ और बलभद्र उन्हें रथ पर बैठाकर नगर भ्रमण के लिए निकले थे। इसी क्रम में वे अपनी मौसी गुंडिचा के घर पहुंचे और नौ दिनों तक वहीं विश्राम किया। उसी परंपरा के तहत बहुदा यात्रा के माध्यम से भगवान पुनः अपने मुख्य मंदिर लौटते हैं।
रथयात्रा में गुवा के बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर रस्सी के सहारे रथ खींचा। पूरे मार्ग में जय जगन्नाथ के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। आयोजन को सफल बनाने में पूजा समिति के सदस्यों, सेल के सहायक महाप्रबंधक दयानिधि दलय तथा पुजारी जितेंद्र पंडा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बड़ाजामदा में श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली बहुदा यात्रा
बड़ाजामदा में भगवान जगन्नाथ की बहुदा यात्रा मौसीबाड़ी (राम मंदिर) से प्रारंभ होकर लक्ष्मीनारायण मंदिर तक निकाली गई। मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का विधि-विधान के साथ स्वागत एवं पूजन किया गया।
यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथ खींचने के लिए उमड़े। पूरा मार्ग जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और धार्मिक उल्लास से गूंज उठा। महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। बहुदा यात्रा के सफल आयोजन में मंदिर समिति एवं स्थानीय श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पूरे मार्ग में आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

श्रद्धा, परंपरा और आस्था का अनुपम संगम
सारंडा क्षेत्र के किरीबुरू, गुवा और बड़ाजामदा में आयोजित बहुदा रथयात्रा ने एक बार फिर भगवान जगन्नाथ के प्रति लोगों की अटूट आस्था, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता और जय जगन्नाथ के गगनभेदी जयघोष के बीच संपन्न यह आयोजन पूरे क्षेत्र में भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा का संदेश छोड़ गया।














