श्रमिक संगठनों ने सेल प्रबंधन पर ट्रेड यूनियनों की अनदेखी का लगाया आरोप, वेज कार्ड से उपस्थिति नहीं होने पर टाइम ऑफिस में ही रुकने की चेतावनी
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
सेल की किरीबुरू लौह अयस्क खदान में बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू किए जाने के निर्णय के खिलाफ रविवार को संयुक्त यूनियन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता श्रमिक नेता जगमोहन सामड ने की। बैठक में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लेते हुए सेल प्रबंधन द्वारा जारी उस सर्कुलर पर गहन चर्चा की, जिसमें पारंपरिक वेज कार्ड व्यवस्था समाप्त कर बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया गया है।

कोर्ट के फैसले तक पुरानी व्यवस्था जारी रखने की मांग
बैठक में सर्वसम्मति से कहा गया कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली से जुड़ा मामला वर्तमान में सीजीआईटी (CGIT), धनबाद में विचाराधीन है। ऐसे में न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक वर्तमान वेज कार्ड आधारित उपस्थिति प्रणाली को यथावत रखा जाना चाहिए। यूनियन नेताओं का कहना था कि श्रम कानून और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए प्रबंधन को किसी भी नई व्यवस्था को लागू करने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।
स्टैंडिंग ऑर्डर में संशोधन के बिना लागू करना अनुचित
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि श्रम कानून के अनुसार बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने से पहले सर्टिफाइड स्टैंडिंग ऑर्डर में आवश्यक संशोधन किया जाना चाहिए। साथ ही ट्रेड यूनियनों के साथ औपचारिक वार्ता और सहमति भी जरूरी है। आरोप लगाया गया कि प्रबंधन इन प्रक्रियाओं की अनदेखी करते हुए इसे जबरन लागू करना चाहता है।
प्रबंधन पर अदालत की प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप
संयुक्त यूनियन के नेताओं ने कहा कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तब माह के बीच में बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू करने का प्रयास न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने जैसा है। उन्होंने कहा कि सुलह अधिकारी द्वारा भी यथास्थिति बनाए रखने की सलाह दी गई थी, इसके बावजूद प्रबंधन का कदम श्रम कानून की भावना के विपरीत है।
बिना वेज कार्ड हाजिरी के कार्यस्थल नहीं जाएंगे कर्मचारी
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि पुरानी व्यवस्था के तहत कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज नहीं की जाती है तो कर्मचारी अपने-अपने टाइम ऑफिस में ही मौजूद रहेंगे और वेज कार्ड से हाजिरी दर्ज हुए बिना कार्यस्थलों पर नहीं जाएंगे। यूनियनों ने स्पष्ट किया कि इससे उत्पादन या उत्पादकता पर यदि कोई प्रभाव पड़ता है तो उसकी जिम्मेदारी सेल प्रबंधन और विशेष रूप से मानव संसाधन विभाग की होगी।
ट्रेड यूनियनों को विश्वास में नहीं लेने पर नाराजगी
श्रमिक नेताओं ने सवाल उठाया कि सेल प्रबंधन के मानव संसाधन विभाग ने किसी भी ट्रेड यूनियन से विस्तृत वार्ता किए बिना इतनी महत्वपूर्ण व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया क्यों शुरू की। बैठक में कहा गया कि स्टैंडिंग ऑर्डर, श्रम कानून और न्यायालय के प्रति सम्मान बनाए रखना सभी पक्षों की जिम्मेदारी है।
एकजुट होकर संघर्ष का संकल्प
बैठक में उपस्थित सभी श्रमिक संगठनों ने इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे देश के श्रम कानून और न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास रखते हैं तथा न्यायालय का जो भी अंतिम निर्णय आएगा, उसे स्वीकार करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जब तक अंतिम फैसला नहीं आता, तब तक पुरानी व्यवस्था को बनाए रखा जाना चाहिए।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में जगमोहन सामड, सतीश सिंह, विद्युत सरकार, नितिन कुमार, प्रमोद महानता, राजीव शर्मा, महेश्वर पात्र, राजेन्द्र सिंधिया, सुनील कुमार पासवान, मिथलेश कुमार, मुकेश ठाकुर सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के अनेक पदाधिकारी, सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।
यूनियनों का संदेश
बैठक के अंत में संयुक्त यूनियन ने कहा कि उनका संघर्ष श्रम कानून और कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने सेल प्रबंधन से अपील की कि बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली पर न्यायालय का अंतिम आदेश आने तक यथास्थिति बनाए रखी जाए, ताकि औद्योगिक सौहार्द और उत्पादन व्यवस्था प्रभावित न हो।











