पीएचईडी की उदासीनता के बीच जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से कांटेसाई विद्यालय की बंद जल मीनार हुई चालू, बच्चों और ग्रामीणों को मिली राहत
रिपोर्ट: गुवा/बड़ाजामदा
नोवामुंडी प्रखंड के बड़ाजामदा स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कांटेसाई में लंबे समय से बंद पड़ी पेयजल व्यवस्था आखिरकार बहाल हो गई। करीब आठ महीनों से खराब पड़े मोटर के कारण विद्यालय परिसर में बनी जल मीनार से पानी की आपूर्ति ठप थी, जिससे बच्चों और आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी।

जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर के समीप लगभग तीन वर्ष पूर्व डीएमएफटी फंड से जल मीनार का निर्माण कराया गया था, ताकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। लेकिन करीब आठ माह पहले मोटर जल जाने के बाद यह व्यवस्था पूरी तरह बंद हो गई।
ग्रामीणों ने समस्या समाधान के लिए कई बार पीएचईडी विभाग, नोवामुंडी को लिखित सूचना दी थी। इसके बावजूद विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की गई। नतीजतन बच्चे पानी के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर थे और ग्रामीणों को भी संकट का सामना करना पड़ रहा था।
मामले की जानकारी जब जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक Sonaram Sinku को मिली, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए नया मोटर उपलब्ध कराया। मोटर लगते ही बंद पड़ी जल मीनार दोबारा चालू हो गई और विद्यालय परिसर में फिर से पानी की आपूर्ति शुरू हो गई।
नया मोटर लगने के बाद विद्यालय के बच्चों और आसपास के बस्तीवासियों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने विधायक के त्वरित हस्तक्षेप की सराहना करते हुए कहा कि यदि समय पर यह कदम नहीं उठाया जाता, तो पेयजल संकट और गहरा सकता था।

यह पहल एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब जिम्मेदार विभाग महीनों तक निष्क्रिय रहे, तब एक जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से समस्या का त्वरित समाधान कैसे संभव हो गया। फिलहाल, विद्यालय में बच्चों की प्यास बुझने लगी है और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।












