सुरक्षा घेरा लगाने का कार्य शुरू, लोगों ने की सराहना; अभिभावकों से भी बच्चों पर नजर रखने की अपील
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
किरीबुरू शहर के बीच स्थित जाकिर हुसैन पार्क (लेक गार्डन) तालाब में बने गहरे गड्ढे से संभावित दुर्घटना की आशंका को लेकर उठी चिंता के बाद वन विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। 9 जुलाई की सुबह से ही तालाब के भीतर बने गहरे गड्ढे के चारों ओर सुरक्षा घेरा (तारबंदी) लगाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वन विभाग की इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि तालाब के भीतर लगभग 8 से 10 फीट गहरा और करीब 40×40 फीट क्षेत्रफल का गड्ढा बनने के बाद स्थानीय लोगों ने आशंका जताई थी कि बरसात के दौरान पानी भरने से यह गहरा हिस्सा दिखाई नहीं देगा और मछली पकड़ने या नहाने आने वाले बच्चे तथा गैर-तैराक ग्रामीण दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। इस मामले को गंभीरता से उठाए जाने के बाद वन विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की पहल की।

सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शुरू हुई तारबंदी
वन विभाग द्वारा गहरे हिस्से के चारों ओर तारबंदी कर उसे सुरक्षित बनाया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति अनजाने में उस क्षेत्र तक न पहुंच सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कदम संभावित दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की हो रही सराहना
स्थानीय नागरिकों ने कहा कि विभाग ने जनभावनाओं और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई की है। लोगों का मानना है कि यदि यह सुरक्षा घेरा जल्द पूरा हो जाता है तो तालाब में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं की आशंका काफी हद तक कम हो जाएगी।
सिर्फ बाड़बंदी नहीं, अभिभावकों की जिम्मेदारी भी जरूरी
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि केवल तारबंदी कर देना ही पर्याप्त नहीं है। प्रतिदिन कई बच्चे तालाब में नहाने, मछली, घोंघा और केकड़ा पकड़ने पहुंच जाते हैं। ऐसे में अभिभावकों की भी जिम्मेदारी बनती है कि वे अपने बच्चों को बिना निगरानी के तालाब में जाने से रोकें। जागरूकता और सतर्कता ही किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

सुरक्षा के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है, वहीं बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवारों और समाज की भी समान भागीदारी आवश्यक है। यदि सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, तो भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सकता है।














