सोनपोखरी मुंडा टोला में तीन दिनों से सुरक्षा घेरे में रखा गया था विस्फोटक, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
रिपोर्ट: शैलेश सिंह
पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत सोनपोखरी गांव के मुंडा टोला में मिले संदिग्ध विस्फोटक पदार्थ का आज सफलतापूर्वक विनष्टीकरण कर दिया गया। तीन दिन पहले 23 जून 2026 को गांव में एक बम जैसा विस्फोटक मिलने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी।
मिली जानकारी के अनुसार बरामद विस्फोटक की लंबाई 56 सेंटीमीटर, व्यास 42.5 सेंटीमीटर तथा वजन लगभग 20 से 25 किलोग्राम आंका गया था। इसकी भयावह बनावट को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा घेरा बनाकर इसे सुरक्षित स्थान पर रखा था, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

पुलिस-प्रशासन की सतर्कता से टला बड़ा खतरा
पुलिस अधीक्षक, पश्चिम सिंहभूम चाईबासा के निर्देश पर शुक्रवार 26 जून 2026 को इस विस्फोटक को निष्क्रिय करने की कार्रवाई की गई। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक चाईबासा, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मनोहरपुर, थाना प्रभारी मनोहरपुर, अंचलाधिकारी मनोहरपुर, मुखिया एवं ग्राम प्रधान मौके पर मौजूद रहे।
सेना की बीडीडीएस टीम ने संभाला मोर्चा
भारतीय सेना की बॉम्ब डिस्पोजल एंड डिटेक्शन स्क्वाड (BDDS) टीम ने पूरी सावधानी और तकनीकी दक्षता के साथ विस्फोटक का सुरक्षित विनष्टीकरण किया। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाके को खाली कराया गया और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
ग्रामीणों ने ली राहत की सांस
इस सफल ऑपरेशन के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सबसे बड़ी बात यह रही कि इस पूरी कार्रवाई में किसी भी ग्रामीण की जानमाल की कोई क्षति नहीं हुई।
बड़ा सवाल: गांव तक कैसे पहुंचा इतना भारी विस्फोटक?
घटना के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतना भारी और खतरनाक विस्फोटक गांव के भीतर पहुंचा कैसे? क्या इसका संबंध युद्ध के समय यहां गिरा पुराना बम था, नक्सली गतिविधियों से है या फिर किसी अन्य साजिश का हिस्सा था? पुलिस अब इस पहलू पर भी जांच में जुट गई है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि समय रहते इस विस्फोटक का पता चलना और उसका निष्क्रिय होना किसी बड़ी दुर्घटना को टालने जैसा है।













