वर्षों से दुर्घटना को दावत दे रहा था पुल
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य मार्ग पर बालाजी प्लांट से आगे स्थित जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत होने से क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है। लंबे समय से बदहाली का शिकार यह पुल कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। पुल की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि इसकी सरिया बाहर निकल आई थी और बीच हिस्से में बड़ा छेद बन गया था, जिससे भारी वाहनों के गुजरने के दौरान हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी।

हजारों वाहनों की जीवनरेखा बना हुआ है यह मार्ग
बड़ाजामदा-नोवामुंडी मुख्य मार्ग क्षेत्र का अत्यंत व्यस्त सड़क मार्ग है। इस सड़क से प्रतिदिन हजारों मालवाहक ट्रक, यात्री बसें, निजी वाहन तथा दोपहिया वाहन गुजरते हैं। लौह अयस्क परिवहन के कारण इस मार्ग पर चौबीसों घंटे वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में जर्जर पुल लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ था।
सरिया बाहर निकली, बीच में हो गया था बड़ा गड्ढा
पुल की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके कंक्रीट का हिस्सा टूटकर बिखर चुका था और लोहे की सरिया खुलकर बाहर आ गई थी। पुल के बीचों-बीच बने गड्ढे के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ रहा था। स्थानीय लोग लगातार इसकी मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग कर रहे थे।
महिला समिति ने दिखाई पहल, श्रमदान कर भरा था गड्ढा
प्रशासन और संबंधित विभाग की उदासीनता के बीच बीते सप्ताह क्षेत्र की महिला समिति ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए श्रमदान कर पुल के बीच बने गड्ढे को भरने का कार्य किया था। महिला समिति की इस पहल की पूरे क्षेत्र में सराहना हुई थी। लोगों का कहना था कि जब जिम्मेदार विभाग अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहे थे, तब महिलाओं ने आगे बढ़कर दुर्घटना की आशंका को कम करने का प्रयास किया।
झारखंड सरकार की पहल पर शुरू हुआ निर्माण कार्य
अब झारखंड सरकार द्वारा इस जर्जर पुल के निर्माण का कार्य पश्चिम बंगाल की आरसीपी एंड कंपनी को सौंपा गया है। सोमवार से जेसीबी मशीन लगाकर खुदाई और अन्य प्रारंभिक निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। निर्माण कार्य शुरू होते ही स्थानीय लोगों और वाहन चालकों में खुशी की लहर दौड़ गई।
लोगों ने जताई खुशी, जल्द निर्माण पूरा करने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों, सामाजिक संगठनों और वाहन चालकों ने पुल निर्माण कार्य शुरू होने का स्वागत किया है। हालांकि उन्होंने निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इसे निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब सुरक्षित सफर की उम्मीद
वर्षों से खस्ताहाल पुल के कारण भय और असुरक्षा के माहौल में यात्रा कर रहे लोगों को अब उम्मीद जगी है कि नया और मजबूत पुल बनने के बाद इस मार्ग पर सफर सुरक्षित होगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि यह निर्माण कार्य न केवल यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगा बल्कि संभावित दुर्घटनाओं पर भी प्रभावी रोक













