पंचायती राज निदेशालय ने पश्चिमी सिंहभूम डीसी को भेजा पत्र, तकनीकी स्वीकृति, जियो टैग फोटो और प्राक्कलन उपलब्ध कराने का निर्देश
रिपोर्ट : शैलेश सिंह
जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र में जिला परिषद की आय बढ़ाने और स्थानीय युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रस्तावित मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण योजना अब कागजों से आगे बढ़कर सरकारी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण चरण में पहुंचती नजर आ रही है। जगन्नाथपुर के विधायक सह झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकू द्वारा उठाई गई मांग पर पंचायती राज विभाग ने संज्ञान लेते हुए पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त से विस्तृत प्रतिवेदन और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है।
पंचायती राज निदेशालय, झारखंड के उप निदेशक रश्मि लकड़ा ने 5 जून 2026 को पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त को पत्र भेजकर जगन्नाथपुर पंचायत मुख्यालय स्थित जिला परिषद की भूमि पर प्रस्तावित मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण योजना से संबंधित आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

विधायक के पत्र के बाद विभाग सक्रिय
उप निदेशक द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि जगन्नाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं उप मुख्य सचेतक सोनाराम सिंकू ने जिला परिषद की आय के स्रोतों में वृद्धि करने तथा क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से जगन्नाथपुर पंचायत मुख्यालय की भूमि पर मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण कराने का अनुरोध किया था।
विधायक के इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए पंचायती राज निदेशालय ने अब जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है ताकि योजना की प्रशासनिक स्वीकृति पर निर्णय लिया जा सके।

सरकार ने मांगे ये महत्वपूर्ण दस्तावेज
पंचायती राज निदेशालय द्वारा उपायुक्त को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि प्रस्तावित योजना पर आगे की कार्रवाई के लिए निम्नलिखित दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं—
* चयनित भूमि का विस्तृत प्रतिवेदन।
* सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत तकनीकी प्राक्कलन (एस्टीमेट)।
* चयनित स्थल और उसके आसपास की संरचनाओं के जियो टैग फोटो।
* विभाग द्वारा निर्धारित विहित प्रपत्र में सभी आवश्यक सूचनाएं।
निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि इन सूचनाओं के प्राप्त होने के बाद ही योजना की प्रशासनिक स्वीकृति पर अंतिम निर्णय लिया जा सकेगा।

जर्जर पंचायत भवन की जगह बन सकता है आधुनिक व्यापारिक केंद्र
उल्लेखनीय है कि जगन्नाथपुर पंचायत मुख्यालय के समीप इंदिरा चौक के पास स्थित पुराना पंचायत भवन वर्षों से जर्जर अवस्था में है। भवन के आसपास जिला परिषद की पर्याप्त भूमि उपलब्ध है।
सोनाराम सिंकू ने अपने पत्र में तर्क दिया था कि बाजार के मध्य स्थित इस महत्वपूर्ण भूमि का उपयोग कर एक आधुनिक विपणी भवन (मार्केट कॉम्प्लेक्स) का निर्माण कराया जाए। इससे न केवल जिला परिषद को नियमित राजस्व प्राप्त होगा बल्कि स्थानीय युवाओं को व्यवसाय और स्वरोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
रोजगार और राजस्व का डबल मॉडल
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना स्वीकृत होती है तो जगन्नाथपुर बाजार क्षेत्र का स्वरूप बदल सकता है। मार्केट कॉम्प्लेक्स में दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सेवा केंद्रों के संचालन से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
साथ ही दुकानों के किराये एवं अन्य शुल्कों के माध्यम से जिला परिषद को स्थायी आय प्राप्त होगी, जिससे भविष्य में अन्य विकास योजनाओं को भी गति मिल सकेगी।
विभाग पहले ही कर चुका है प्रक्रिया तय
गौरतलब है कि पंचायती राज विभाग ने 16 दिसंबर 2025 को सभी उपायुक्तों, उप विकास आयुक्तों, जिला परिषदों और जिला पंचायत राज पदाधिकारियों को निर्देश जारी कर अवसंरचना निर्माण योजनाओं के लिए एक मानकीकृत प्रक्रिया निर्धारित की थी।
विभाग ने पाया था कि कई बार अधूरी सूचनाओं के कारण योजनाओं की स्वीकृति और राशि आवंटन में विलंब होता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए एक निर्धारित प्रपत्र तैयार किया गया था, जिसमें सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक जानकारियां उपलब्ध कराना अनिवार्य किया गया।
क्या जल्द मिलेगी प्रशासनिक स्वीकृति?
उप निदेशक रश्मि लकड़ा के पत्र को इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रगति माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वह कितनी शीघ्रता से आवश्यक प्रतिवेदन, तकनीकी प्राक्कलन और अन्य दस्तावेज तैयार कर पंचायती राज निदेशालय को भेजता है।
यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं तो जगन्नाथपुर के बीचों-बीच स्थित जर्जर पंचायत भवन की जगह आने वाले समय में एक आधुनिक मार्केट कॉम्प्लेक्स खड़ा हो सकता है, जो क्षेत्र के विकास, रोजगार और जिला परिषद की आर्थिक मजबूती का नया प्रतीक बनेगा।
विधायक सोनाराम की पहल से बढ़ी उम्मीदें
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि विधायक सोनाराम सिंकू की पहल अब केवल मांग तक सीमित नहीं रही, बल्कि सरकारी स्तर पर कार्रवाई का विषय बन चुकी है। रश्मि लकड़ा द्वारा उपायुक्त को भेजा गया पत्र इस बात का संकेत है कि प्रस्ताव ने विभागीय गलियारों में गंभीरता से जगह बना ली है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं कितनी तेजी से पूरी होती हैं और जगन्नाथपुर को उसका बहुप्रतीक्षित मार्केट कॉम्प्लेक्स कब तक मिल पाता है।













